पटना [जेएनएन]। नेपाली नगर में अनुमाया ह्यूमन रिसोर्स फाउंडेशन के तहत संचालित आसरा गृह में दो सवासिनों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जानकारी मिलने के बाद जिला और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। रविवार को डीएम कुमार रवि और एसएसपी मनु महाराज सचाई का पता लगाने को थाने से लेकर संवासिनी गृह तक दौड़ते रहे।

पीएमसीएच में एक का शव पड़े रहने की सूचना पर दोबारा मेडिकल कराने का निर्देश दिया। देर शाम जिला प्रशासन के मजिस्ट्रेट की लिखित शिकायत पर राजीव नगर थाने में लापरवाही के आरोप में संस्था के संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने कोषाध्यक्ष मनीषा दयाल और सचिव चिरंतन को गिरफ्तार कर लिया गया। सोमवार को दोनों को पुलिस ने पूछताछ के लिए तीन दिनों के रिमांड पर लिया।
संस्था से जुड़े तीन अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि दो संवासिनों की बीमारी से मौत होने की बात सामने आई है। उनकी पहचान नुतप्पा उर्फ बबली (35) और पूनम (20) के रूप में हुई। दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया था। इसके बाद पूनम के शव की अंत्येष्टि कर दी गई।

हालांकि उसकी प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट प्राप्त हुई है। जिसमें बताया गया है कि वह बीमार थी। रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। बिसरा को जांच के लिए एफएसएल भेजा गया है। वहीं, बबली के शव का मेडिकल बोर्ड की देखरेख में दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया गया। पोर्स्‍टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण बीमारी को बताया गया है। विवादित भूखंड पर बने मकान में चल रहा था आसरा गृह  
90 फीट नेपाली नगर इलाके में विवादित भूखंड पर बने मकान में अप्रैल महीने से आसरा गृह का संचालन किया जा रहा था। मकान दीघा निवासी सुरेंद्र यादव का है। एसएसपी मनु महाराज ने कहा कि इस बिंदु पर जांच कराई जा रही है। 
शुक्रवार को खुली थी संस्था की कारगुजारी 
आसरा गृह शुक्रवार को चर्चा में आया था। गुरुवार की रात खिड़की का ग्रिल काटकर चार किशोरियों ने भागने का प्रयास किया था। वे बगल के मकान की छत पर कूद गई। मकान मालिक नागेंद्र सिंह उर्फ बजरंगी (60) ने उन्हें रोक लिया और पुलिस को जानकारी दी। आस-पड़ोस के लोगों को भी बताया। लेकिन, शुक्रवार की सुबह पुलिस आई और छेड़छाड़ के आरोप में बजरंगी को ही जेल भेज दिया। तब से वहां राजीव नगर थाने की पुलिस की तैनाती थी।
मृत्यु के बाद पीएमसीएच लाई गई थीं दोनों 
पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि बेबी कुमारी सिंह 10 अगस्त की रात साढ़े नौ बजे बबली और पूनम को अस्पताल लेकर आई थी। दोनों उस वक्त मृत पाई गईं। शव तत्काल पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस की देखरेख में शवों को मॉच्र्युरी में रखा गया था और अगले दिन दोपहर पोस्टमॉर्टम कराया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस पूनम का एक शव लेकर चली गई। 
प्रशासन के हाथ-पांव फूले 
संदिग्ध हालात में दोनों की मृत्यु की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन के होश उड़ गए। रविवार की सुबह डीएम और एसएसपी पीरबहोर थाने में पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। काफी देर तक थाने में पूछताछ करने के बाद दोनों अधिकारी आसरा गृह में गए। वहां भी घंटों पूछताछ की।
तफ्तीश से मालूम हुआ कि पूनम और बबली की तबीयत बिगडऩे पर उन्हें बोरिंग कैनाल रोड स्थित डॉ. आयुष्मान प्रियदर्शी की क्लीनिक में संस्था के लोग ले गए थे। वहां मौत की पुष्टि हो गई, तब पदाधिकारी घबरा गए और साजिश के तहत कागजात को दुरुस्त कराने के लिए शवों को लेकर पीएमसीएच पहुंचे। लेकिन पूनम और बबली को क्या बीमारी थी? इसके बारे में डॉ. आयुष्मान प्रियदर्शी से भी पूछताछ की जाएगी।

Posted By: Kajal Kumari