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SBI में पैसे जमा करने के बाद भी खाते में नहीं जुड़े, 10 साल बाद मिलेंगे ₹49000; उपभोक्ता आयोग का फैसला

Published: Sat, 26 Sep 2026 12:02 AM (IST)

पटना में ओम दत्त कुमार के एसबीआई खाते में जमा 49 हजार रुपये 10 साल बाद क्रेडिट होंगे।

एसबीआई। (फाइल फोटो)

एसबीआई। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. 2016 में एसबीआई में जमा 49 हजार रुपये खाते में नहीं जुड़े।

  2. उपभोक्ता आयोग ने बैंक को सेवा में कमी का दोषी ठहराया।

  3. 10 साल बाद बैंक को राशि क्रेडिट करने और मुआवजा देने का आदेश।

जागरण संवाददाता, पटना। ओम दत्त कुमार ने एसबीआई की वेटनरी कॉलेज शाखा में 49 हजार रुपये जमा कराए। बैंक ने पैसे लेकर जमा पर्ची पर 13 नवंबर 2016 की मुहर लगाकर दे दी।

कुछ समय बाद जमा मेमो की प्रति और बाद में जारी खाता विवरण के बीच अंतर सामने आया। इसमें 49 हजार रुपये नहीं जोड़े गए थे।

बैंक अधिकारियों से शिकायत करने पर राशि खाते में नहीं जोड़ी गई। करीब एक वर्ष भटकने के बाद उन्होंने अपने पैसे वापस पाने के लिए उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।

अब दस वर्ष बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने भारतीय स्टेट बैंक की शेखपुरा शाखा व अन्य विपक्षी पक्षों को सेवा में कमी के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए शिकायतकर्ता के खाते में उसी तिथि से 49 हजार रुपये जमा करने का आदेश दिया है। साथ ही मानसिक परेशानी के लिए पांच हजार रुपये मुआवजा व मुकदमा खर्च अलग से देने को कहा है।

शिकायतकर्ता ओम दत्त कुमार ने शिकायत में कहा था कि उन्होंने एसबीआई की वेटनरी कॉलेज शाखा के अपने बचत खाते में 49 हजार जमा किए थे। जमा मेमो की प्रति दिखाने के बावजूद बैंक के स्टेटमेंट में उसकी प्रविष्टि नहीं की गई।

आयोग ने जमा मेमो पर बैंक की 13 नवंबर 2016 की मुहर व अकाउंट राशि जमा नहीं होने के साक्ष्यों के आधार पर शिकायत स्वीकार की।

आयोग की नोटिस के बावजूद विपक्ष न तो उपस्थित हुआ और न ही लिखित जवाब दिया। इसके बाद एकतरफा सुनवाई करते हुए जमा मेमो की तारीख से ही खाते में 49 हजार रुपये क्रेडिट कर लेजर दुरुस्त करने का निर्देश दिया। आदेश की प्रति प्राप्त होने की तिथि से 120 दिनों में आदेश का अनुपालन नहीं होने पर अतिरिक्त 10 हजार रुपये देने होंगे।

खाते में पैसे जुड़ने तक सुरक्षित रखें रसीद

बैंक में नकद जमा के बाद ग्राहक को जमा पर्ची सुरक्षित रखनी चाहिए। साथ ही खाते में रकम दर्ज हुई या नहीं इसकी जांच करनी चाहिए।

जमा दस्तावेज और खाते की प्रविष्टि में अंतर हो तो तत्काल बैंक में लिखित शिकायत कर पावती सुरक्षित रखें। यदि खाते में राशि नहीं जुड़ती है तो यह आगे की शिकायत या कानूनी कार्रवाई का महत्वपूर्ण साक्ष्य होता है।

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