नलिनी रंजन, पटना: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी विवि को पत्र लिखकर उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों के खाली पदों को भरने को लेकर आवश्यक कदम उठाने को कहा है। यूजीसी के सचिव रजनीश जैन से 26 नवंबर को लिखे कुलपतियों एवं प्राचार्यों के पत्र में कहा है कि चार जून 2019 से शिक्षकों के खाली पदों की सूचना व इन पदों को भरने को लेकर अद्यतन जानकारी मांगी जा रही है। इसके बाद भी काफी विवि व कालेजों ने सूचना अब तक नहीं भेजी है। ऐसे में सभी विश्वविद्यालयों एवं कालेजों को यूजीसी के वेबसाइट पर 31 दिसंबर से पहले अद्यतन सूचना भेजने को कहा है। कहा गया है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में खाली पद चिंताजनक हैं। इससे संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण अध्ययन और मूल्यांकन प्रक्रिया प्रभावित होती है। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था जारी रखने के लिए खाली पदों को भरने को लेकर जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएं।

अतिथि शिक्षकों के सहारे विवि व कालेज

राज्य के सभी विश्वविद्यालय अतिथि शिक्षकों के सहारे ही संचालित हो रहे हैं। नियमित पदों पर तैनात लगभग 70-80 फीसद शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं। शिक्षकों के रिटायर होने के बाद विवि व कालेजों में काफी विषयों में कम शिक्षक बचे हैं। इससे पठन-पाठन पर असर हो रहा है।

नैक मूल्यांकन पर भी दिखता है खराब असर

राज्य के विवि व कालेजों में स्थायी शिक्षकों के खाली पदों का नैक मूल्यांकन पर असर दिख रहा है। शिक्षकों की कमी के कारण कालेजों में रिसर्च गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। इसके कारण नैक मूल्यांकन में अंक कम मिलता है। इससे रैंक में खराब ग्रेड मिलते हैं। इसका सीधा असर अनुदान पर भी दिखता है।

4648 पदों पर सहायक प्रध्यापक की नियुक्ति के लिए चल रही प्रक्रिया

राज्य के खाली कालेजों में 52 विषयों में 4648 पदों पर नियुक्ति के लिए बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग की ओर से साक्षात्कार आयाेजित हो रहा है। अब तक आधा दर्जन से अधिक विषयों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शेष विषयों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया की जा रही है।

Edited By: Akshay Pandey