राज्य ब्यूरो, पटना: सरकार पंचायती राज विभाग की विभिन्न निर्माण योजनाओं और विकास कार्यों की निगरानी के लिए अलग अभियंत्रण संवर्ग बनाएगी। विभाग के अपने स्थाई अभियंता होंगे। इसको लेकर विभाग अभियंत्रण संवर्ग के गठन की कवायद में जुट गया है। पहले चरण में करीब 11 सौ इंजीनियरों के पदों का सृजन तैयारी है। कैबिनेट से पदों के सृजन की स्वीकृति मिलने के बाद इनकी नियुक्ति शुरू होगी। अभी तक विभाग का अपना अभियंत्रण संवर्ग नहीं है। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) या तकनीकी सेवा आयोग से स्थायी भर्ती प्रक्रिया पूरी करेगा। इससे पहले पंचायती राज विभाग संविदा पर इंजीनियरों की सेवा लेगा। सृजित होने वाले पदों में कनीय अभियंता (जेई) सहायक अभियंता (एई) कार्यपालक अभियंता (ईई) अधीक्षण अभियंता (एसई) और मुख्य अभियंता (सीई) श्रेणी के पद शामिल हैं।

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900 जेई व 200 एई की नियुक्ति

पहले चरण में विभाग नौ सौ से अधिक कनीय अभियंता और करीब 200 से अधिक सहायक अभियंता होंगे। इसी प्रकार 38 कार्यपालक अभियंता के पद भी सृजित होंगे। इंजीनियरों की नियुक्ति लिखित परीक्षा के आधार पर किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें विभाग में पहले से संविदा पर कार्यरत तकनीकी सहायकों को नियुक्ति के लिए चयन में वेटेज दिया जाएगा। वर्तमान में 1400 से अधिक कनीय अभियंता पंचायतों में कार्यरत हैं।

- पंचायती राज विभाग का होगा अपना अभियंत्रण संवर्ग

- पहले चरण में सृजित होगा करीब 11 सौ पद

- बीपीएससी या तकनीकी सेवा आयोग से होगी भर्तियां

- नियुक्ति के बाद तत्काल संविदा पर ली जाएगी सेवा

केंद्र सरकार के सहयोग से शुरू होंगी कई योजनाएं

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल हर घर नल-जल, पक्की गली-नाली, पंचायत सरकार भवन निर्माण, कुओं के जीर्णोद्धार, सम्राट अशोक भवन का निर्माण, मुक्ति धाम निर्माण और सोलर स्ट्रीट लाइट आदि से संबंधित जिम्मेदारी दी जाएगी। यही नहीं, आने वाले दिनों में केंद्र सरकार के सहयोग से और कई नई योजनाएं शुरू होने वाली है।

Edited By: Akshay Pandey