पटना, राज्य ब्यूरो। क्‍या आपने हिंदी में डब मलयालम की फिल्‍म फोरेंसिक देखी है? अगर आपमें कुछ जासूस जैसा है, आपको साइंटिफिक तरीके से केस सुलझाने वाले फिल्मी हीरो को देख कर रोमांच होता है, तो आप रियल लाइफ का हीरो बनकर अपने करियर को भी ऊंची उड़ान दे सकते हैं। पुलिस अनुसंधान में वैज्ञानिक जांच को बढ़ावा देने एवं मजबूत साक्ष्य इकट्ठा करने को लेकर राज्य के सभी पुलिस रेंज में क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) स्थापित किए जाने की योजना है। इन एफएसएल लैब के लिए बड़े पैमाने पर बहाली होनी है और इसकी शुरुआत हो चुकी है।

अभी पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर में एफएसएल जांच की सुविधा है। अन्य नौ रेंज में एफएसएल जांच के लिए गृह विभाग ने आवश्यक कर्मियों, उपकरणों, भवनों एवं अन्य आवश्यकताओं की उपलब्धता की प्रक्रिया शुरू कर दी है। क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं के लिए 218 पदों के सृजन की स्वीकृति दे दी गई है। इसमें 189 पदों का रोस्टर क्लीयरेंस किया जा चुका है, जबकि 29 पदों का रोस्टर क्लीयरेंस का प्रस्ताव अपराध अनुसंधान से प्राप्त होना बाकी है।

 गृह विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान एफएसएल जांच को लेकर की जा रही कार्रवाई पर विस्तृत जानकारी दी गई। जिन पदों की स्वीकृति दी गई है, उसमें निदेशक के नौ, उप-निदेशक के 10, सहायक निदेशक के 29, वरीय वैज्ञानिक सहायक के 58, उच्चवर्गीय लिपिक के 10, निम्नवर्गीय लिपिक के 20, चालक के 18, प्रयोगशाला वाहक के 29, विसरा कर्तक के 20 और कार्यालय परिचार के 11 पद शामिल हैं। इसमें निदेशक व उच्चवर्गीय लिपिक का पद प्रोन्नति वाला है। 

 कुछ पदों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया शुरू : 

 क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं के लिए स्वीकृत पदों में से कुछ पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू भी कर दी गई है। चालक के डेढ़ दर्जन पदों के लिए नियुक्ति की कार्रवाई जारी है। निम्नवर्गीय लिपिक के 10 पदों के लिए सामन्य प्रशासन विभाग को अधियाचना भेजी जा चुकी है। इसी तरह वरीय वैज्ञानिक सहायक के 56 पदों के लिए रोस्टर क्लीयरेंस मिल चुका है, जिस पर नियुक्ति के लिए सीआइडी की ओर से गृह विभाग को अधियाचना भेजी गई है। सहायक निदेशक के 29 पदों पर सीधी नियुक्ति के लिए रोस्टर क्लीयरेंस की कार्रवाई की जा रही है। 

Edited By: Shubh Narayan Pathak