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सहरसा मिड-डे मील हादसा: शिक्षा मंत्री ने लिया एक्शन, हेडमास्टर को किया सस्पेंड

Published: Sun, 13 Sep 2026 07:17 PM (IST)

सहरसा के बसदेवा स्कूल में मध्याह्न भोजन में छिपकली मिलने से 25 बच्चे बीमार पड़ गए।

बच्चों का चल रहा इलाज। (जागरण)

बच्चों का चल रहा इलाज। (जागरण)

HighLights

  1. सहरसा के स्कूल में मध्याह्न भोजन में छिपकली, 25 बच्चे बीमार।

  2. प्रधानाध्यापक निलंबित, तीन रसोइयों को तत्काल सेवामुक्त करने का निर्देश।

  3. शिक्षा मंत्री ने बच्चों के स्वास्थ्य सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं करने का निर्देश।

राज्य ब्यूरो, पटना। सहरसा जिले के कहरा प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बसदेवा में मध्याह्न भोजन में छिपकिली मिलने और इसके बाद 25 बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने की घटना को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने गंभीरता से लिया।

रविवार को तत्काल कार्रवाई करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक ब्रजेन्द्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही विद्यालय के तीनों रसोइयों को सेवा-मुक्त करने का निर्देश दिया गया है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी, सहरसा के प्रतिवेदन के अनुसार, 12 सितंबर को कहरा स्थित भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर दलित उत्थान एवं शिक्षा समिति के केंद्रीयकृत रसोईघर से 144 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की आपूर्ति की गई थी।

मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच के लिए जिला पदाधिकारी,सहरसा को त्रिस्तरीय जांच टीम गठित कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दिया है।

साथ ही जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन योजना के स्तर पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला पदाधिकारी, सहरसा को जांच के आधार पर स्पष्ट प्रतिवेदन उपलब्ध कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

किसी तरह का नहीं होगा समझौता

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मध्याह्न भोजन योजना के तहत बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। भोजन की गुणवत्ता, रसोईघर की स्वच्छता और पूरी आपूर्ति व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

शिक्षा मंत्री ने मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक को भी पूरे मामले की गंभीरता से निगरानी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जांच में यदि आपूर्ति, भोजन की गुणवत्ता, निगरानी या फालोअप में किसी पदाधिकारी या कर्मी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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