पटना सिटी : गायघाट स्थित बाल सुधार गृह में आ‌र्म्स एक्ट मामले में बंद अंत:वासी विकास की मंगलवार की शाम हुई मौत से आक्रोशित स्वजनों ने बुधवार की शाम गृह के गेट पर शव रखकर प्रदर्शन व हंगामा किया। किशोर के पिता का आरोप था कि पुत्र की पिटाई से मौत हुई है। आक्रोशित नागरिकों ने तैनात पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करते हुए सीसीटीवी कैमरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। आलमगंज थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने हंगामा कर रहे स्वजनों को समझाकर शांत कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।

बाल सुधार गृह के अधीक्षक अजय कुमार ने बताया कि मंगलवार की शाम धनतेरस पर लगभग साढ़े सात बजे गृह के अंदर एक ओर जहां किशोर लाइटिग कर नाच गाकर खुशियां मना रहे थे। वहीं न्यायालय के आदेश पर चार किशोरों को रिहा किया जा रहा था। अधीक्षक की मानें तो सुधार गृह का गेट खुला देख विकास दौड़ता हुआ बाहर निकल भागने लगा। विकास को भागता देख अंत:वासियों ने शोर मचाया। गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों तथा स्थानीय लोगों ने भाग रहे अंत:वासी को पकड़ बैरक के पास लाया। बैरक के पास पहुंचकर वह चक्कर खाकर गिर गया। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसे इलाज के लिए नालंदा मेडिकल कालेज अस्पताल ले जाया गया। एनएमसीएच में उसका ईसीजी भी हुआ। चिकित्सकों ने अंत:वासी विकास को मृत घोषित कर दिया। अंत:वासी के सिर के पीछे तथा नाक से खून का रिसाव हो रहा था। स्वजनों का आरोप है कि अंत:वासी की मौत गृह के अंदर पिटाई से हुई है। वहीं गृह के लोगों का कहना है कि सिर में गंभीर चोट लगने से मौत हुई है। पिता का आरोप है कि बेटार-बार कहता था कि गृह के अंदर उसे प्रताड़ित कर रुपये मांगा जा रहा है। नहीं देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी जा रही है। गृह के संप्रेषण गृह में वर्तमान में 84 तथा विशेष गृह में 12 किशोर रह रहे हैं।

पुत्र के घायल होने की मिली सूचना

खाजेकलां थाना क्षेत्र के मच्छहट्टा गली में चाट की दुकान लगा जीविकोपार्जन करने वाले किशोर विकास के पिता विजय प्रसाद का कहना है कि मंगलवार की रात लगभग आठ बजे सूचना मिली कि पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गया है। उसे इलाज के लिए एनएमसीएच ले जाया गया है। पिता ने बताया कि जब एनएमसीएच पहुंचा तो जानकारी मिली कि पुत्र की मौत हो गई है। पिता ने बताया कि सोमवार को ही पुत्र से मिल कर आए थे।

पुत्र ने बताया था कि गृह के अंदर मिलती है प्रताड़ना

पुत्र ने बताया था कि गृह के अंदर अक्सर मारपीट व प्रताड़ित किया जाता है। समय पर खाना भी ढंग से नहीं मिल रहा था। बेटा बार-बार कहता रहा कि अंदर घुटन हो रही है। पिता ने पुत्र को बताया था कि तुम्हारी जल्द ही रिहाई होगी। पिता ने कहा कि उसे यह उम्मीद नहीं थी कि पुत्र हमेशा के लिए दुनिया छोड़ देगा।

गृह के बाहर शव रख प्रदर्शन व हंगामा किया

पिता की मानें तो 29 सितंबर को खाजेकलां पुलिस ने उसे पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर बाल सुधार गृह भेजा था। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार की शाम गृह के बाहर मृतक अंत:वासी विकास का शव रख प्रदर्शन व हंगामा किया। पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की भी हुई। अधीक्षक ने बताया कि स्वजनों ने पत्थरबाजी भी की।

Edited By: Jagran