नलिनी रंजन, पटना। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए शहर में लोगों का आगमन अब थम सा गया है। इसका असर होटल व्यवसाय पर दिखने लगा है। छोटे होटलों में मंदी के कारण कर्मियों को इस महीने की सैलरी व बिजली बिल तक देने में परेशानी संचालकों को हो रही है। राजधानी के प्रमुख होटलों में महज 10-20 फीसद रूम ही बुक हो रहे हैं। शादी, निकाह, सेमिनार, कांफ्रेंस आदि कार्यक्रम रद हो गए हैं। होटलों का व्यवसाय 80 फीसद तक ठप हो चुका है। कई होटलों ने 50 फीसद कर्मचारियों को वैतनिक छुट्टी दे दी है।

होटल मौर्या में महज 12 रूम बुक

राजधानी के सबसे प्रसिद्ध होटल मौर्या में 77 रूम है। इसमें गुरुवार को महज 12 रूम ही बुक थे। जीएम बीडी सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण के खतरे के कारण व्यवसाय पर बुरा असर पड़ा है। 31 तक होने वाली शादी, निकाह, सेमिनार, कांफ्रेंस दर होने से 80 फीसद व्यवसाय ठप हो गया है। इस कारण 50 फीसद कर्मचारियों को छुट्टी दे दी गई है। हालांकि इस अवधि के वेतन नहीं काटे जाएंगे।

होटल चाणक्य में 112 में 20 की बुकिंग

राजधानी के टॉप पांच में शामिल होटल चाणक्य में 112 कमरे हैं। गुरुवार को इसमें महज 20 रूम की ही बुकिंग हुई थी। कोरोना वायरस के कारण तमाम एहतियात लेने के बाद भी अब लोग नहीं पहुंच रहे हैं। जीएम टीके सिन्हा ने बताया कि इस महीने की सैलरी व बिजली बिल तक देने में परेशानी होगी। तीन हजार लोगों के लिए 31 मार्च तक बुकिंग थी। वह भी रद हो गई।

होटल बिंडसोर में महज आठ की बुकिंग

राजधानी के होटल बिंडसोर के 79 कमरों में महज सात-आठ कमरों की बुकिंग हो रही है। निदेशक नरेंद्र कुमार ने बताया कि इस महीने में 10 लाख से अधिक का नुकसान होगा।

होटल पनाश भी प्रभावित

राजधानी के होटल पनाश की भी बुकिंग कोरोना इफेक्ट को लेकर प्रभावित हो गई है। जीएम प्रणव कुमार ने बताया कि 31 मार्च तक की कई बुकिंग रद होने तथा लोगों का आगमन कम होने से व्यवसाय पर काफी असर हुआ है।

Posted By: Akshay Pandey

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस