यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लुटेरी 'IAS दुल्हन' ने फेसबुक पर युवक से की दोस्ती, लड़के के घर पर रहकर कर दी बड़ी गलती; हो गया भंडाफोड़
पटना के एक युवक की छह महीने पहले फेसबुक पर मुजफ्फरपुर की एक लड़की से दोस्ती हुई। लड़की ने युवक ...और पढ़ें

HighLights
- मुजफ्फरपुर जिले की औराई भादो गांव की रहने वाली है लड़की
- फेसबुक पर आइटी कंपनी के बड़े ओहदे वाले लड़के से की थी दोस्ती
- दो आधार कार्ड, फर्जी पहचान पत्रों के साथ दबोची गई युवती
संवाद सूत्र, फुलवारीशरीफ। मुजफ्फरपुर की एक 'लुटेरी दुल्हन' शनिवार को पटना के बेउर पुलिस की गिरफ्त में आ गई। हवालात पहुंची युवती ने फेसबुक पर खुद को आइएएस बताकर आइटी के एक बड़े ओहदे वाले युवक से दोस्ती कर ली। इसके बाद वह सगाई करने पटना में उसके घर पहुंच गई। उसकी मंशा जेवर लूटकर भागने की थी। इससे पहले ही उसकी पोल खुल गई।
युवती की पहचान जाह्नवी सिंह उर्फ तन्नु प्रिया उर्फ ठाकुर प्रिंसी सिंह के रूप में हुई है। मुजफ्फरपुर के औराई थाने के भादो गांव की रहने वाली लड़की के पास से अलग-अलग नामों और जन्म तिथियों पर बने दो आधार कार्ड मिले हैं। दोनों आधार कार्ड पर एक ही सीरियल नंबर अंकित है।
उसके पास से एम्स में डॉक्टर होने का फर्जी पहचान पत्र, बिना नाम वाले समाचारपत्र में यूपीएससी में सफल होने की कटिंग, नकली सोने की चेन, पांच अंगूठी, दो जोड़े कान के आभूषण, ब्रेसलेट, कड़ा, 39 हजार 800 नकद और मोबाइल बरामद हुआ है।
फेसबुक के माध्यम से संपर्क में आई थी
बेउर थाना क्षेत्र की गंगा विहार कॉलोनी निवासी रवि रंजन करीब छह माह पहले फेसबुक पर जाह्नवी से संपर्क में आए थे। दोनों के बीच बातें शुरू हुई।
जाह्नवी ने उन्हें बताया कि वह एम्स में डॉक्टर है। कुछ दिनों बाद यूपीएससी में आइएएस के लिए चयन होने की बात बताई। रवि रंजन के समक्ष शादी का प्रस्ताव रखा तो वे राजी हो गए।
सात दिनों पहले सीधे रवि रंजन के घर आकर रहने लगी। परिवारवालों की रजामंदी से 26 जुलाई को सगाई तय हुई थी। लड़की अपने साथ भारी मात्रा में नकली जेवर लेकर आई थी।
युवती ने रवि से कहा था कि उसके घरवाले रिश्ते के लिए तैयार नहीं होंगे, इसलिए सगाई के बाद वह घरवालों को इसकी जानकारी देगी।
ऐसे खुली पोल
हुआ यूं कि युवती ने सगाई के पहले जेवरात चोरी होने का नाटक रच दिया। रवि रंजन ने युवती के झांसे में आकर अपने करीबी रिश्तेदार पर बेउर थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी।
बेउर थाने में घर में बैठी मंगेतर के जेवरात चोरी होने की शिकायत में रिश्तेदारों पर ही संदेह जताया था।
जाह्नवी की मंशा थी कि वह नकली जेवरात के चोरी होने की प्राथमिकी करा अभियुक्त बनाए गए लोगों से असली जेवरात खरीदवाएगी। साथ ही, आइएएस होने का धौस दिखाकर जेवरात के अलावा, रुपये भी ऐंठने के फिराक में लगी थी।
सगाई से पहले पुलिस को दी खबर सगाई से पहले रवि रंजन की नजर जाह्नवी के दो आधार कार्ड पर पड़ गई। युवती पर संदेह होने के बाद पुलिस को जानकारी दी।
पहले तो पुलिस के आने पर खुद को आइएएस के लिए चयनित होने की धौंस दिखायी। फर्राटेदार अंग्रेजी सुनकर पुलिस अधिकारी भी कुछ पल के लिए सोच में पड़ गए थे।
रवि ने जब दो तरह के आधार कार्ड होने की बात कही, तो पुलिस ने छानबीन शुरू करने की हिम्मत जुटाई। उसके बैग की तलाशी ली गई, जिसमें एम्स में डॉक्टर होने का आइडी रखा मिला।
पुलिस ने एम्स प्रबंधन से पता लगाया तो मालूम हुआ कि ऐसी कोई डॉक्टर है ही नहीं। इसके बाद जाह्नवी को थाने में लाकर पूछताछ की जाने लगी।
उसने बताया कि सगाई में जो गहने रवि रंजन के परिवारवालों से मिलते, उसे वह घर लेकर जाने के बहाने चंपत हो जाती।
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