पटना। विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे के सवाल पर एनडीए के घटक दल आंखे दिखाने लगे हैं। लोजपा और रालोसपा ने सबसे बड़े दल भाजपा की नीति पर सवाल खड़े किए हैं। भाजपा के अबकी बार भाजपा सरकार के स्लोगन भी विरोध जताते हुए अबकी बार एनडीए सरकार का स्लोगन होना चाहिए।

लोजपा और रालोसपा ने सोमवार को संयुक्त रूप से पत्रकारों से कहा कि एनडीए में एक सप्ताह के भीतर विधानसभा चुनाव के लिए सीटों का बंटवारा हो जाना चाहिए। इसमें भाजपा को पहल करानी चाहिए।

लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस और रालोसपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अरुण कुमार ने कहा कि कभी एक- दूसरे से छतीस का आंकड़ा रखने वाले नीतीश और लालू एक हो गए हैं, जबकि एनडीए में असमंजस्य की स्थिति है।

एनडीए का कार्यालय खुल गया मगर अभी तक एक बार भी बैठक नहीं हुई। इससे भ्रम की स्थिति बनी हुई और जनता अर्थ लगाने लगी है। भाजपा गार्जियन है, उसे जल्द घटक दलों की बैठक बुलानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए सीटें भी तय हो जानी चाहिए, ताकि विधान परिषद चुनाव जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हो जाये। पारस ने कहा कि विधान परिषद चुनाव में हमलोगों ने एनडीए के उम्मीदवारों को जीतने के लिए पूरी मेहनत की।

मगर, भाजपा का सहयोग नहीं मिलने से हाजीपुर से लोजपा प्रत्याशी पराजित हो गए। उस प्रत्याशी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इससे हमारे स्वाभिमान को चोट पहुंची। बड़े भाई होने के नाते भाजपा को घटक दलों का ख्याल रखना चाहिए।

रामविलास पासवान को मुख्यमंत्री बनाये जाने की उठ रही मांग पर पारस ने कहा कि यह एनडीए की बैठक में तय किया जाएगा। इस अवसर पर लोजपा सांसद रामचन्द्र पासवान, रालोसपा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ललन पासवान, प्रो. मो. सरफराज खान, लोजपा के प्रवक्ता ललन चंद्रवंशी आदि उपस्थित थे।

वहीं लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामविलास पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने का उनका कोई इरादा नहीं है। एनडीए में मतभेद पर रामविलास पासवान ने कहा कि एनडीए के सभी घटक दल एक साथ है। किसी कोई मतभेद नहीं है और अगर होगा भी तो आपस में सहमति बना लेंगे।

Posted By: Pradeep Kumar Tiwari