पटना [जेएनएन]। केंद्रीय मंत्रिमंडल में रविवार को जो नौ नए चेहरे शामिल किए गए, उनमें आरा से सांसद राजकुमार सिंह भी हैं। उन्‍हें ऊर्जा राज्‍यमंत्री का स्‍वतंत्र प्रभार मिला है। इसके पहले साल 1975 बैच के आइएएस ऑफिसर रहे राजकुमार सिंह देश के गृह सचिव रह चुके हैं। राजनीति में आने के पहले वे एक कड़क मिजाज व प्रभावशाली आइएएस माने जाते थे।

खास बात यह भी है कि आइएएस अधिकारी के रूप में उन्‍होंने भाजपा के तत्‍कालीन फायरब्रांड नेता लालकृष्‍ण आडवाणी की रथयात्रा रोककर उन्‍हें गिरफ्तार किया था। सेवानिवृत्‍त होने के बाद वे आरा से भाजपा के टिकट पर लोकसभा पहुंचे और अब राज्‍यमंत्री बनाए गए हैं। उनके विभाग की घोषणा फिलहाल नहीं की गई है।

राजकुमार सिंह बिहार के सुपौल जिला अंतर्गत बसबिट्टी गांव के रहने वाले हैं, जबकि ससुराल भोजपुर के बड़हरा ब्लॉक स्थित गजियापुर में है। वे आरा (भोजपुर) से सांसद भी हैं।

राजकुमार सिंह को एक बेहतर प्रशासक के रूप में याद किया जाता है। पुलिस आधुनिकीकरण में उनका उल्‍लेखनीय योगदान रहा है।

यह भी पढ़ें: लालू का तंज: मंत्री बनने को कूद रहे थे JDU नेता, त्‍यागी बोले- बोलने का तरीका नहीं

आरके सिंह ने आडवाणी को किया था गिरफ्तार

राजकुमार सिंह एक कड़े प्रशासक रहे हैं। उन्‍होंने भाजपा के लालकृष्ण आडवाणी को 23 अक्टूबर 1990 को समस्तीपुर में गिरफ्तार किया था। खास बात यह भी है कि आडवाणी को गिरफ्तार करने से आइएएस अधिकारी अफजल अमानुल्लाह के इन्‍कार के बाद उन्‍हें यह जिम्‍मेदरी दी गई थी। आडवाणी की गिरफ्तारी के कारण ही तब भाजपा ने वीपी सिंह सरकार से समर्थन वापस ले लिया था और सरकार गिर गई थी।

Posted By: Amit Alok