दाउदपुर (सारण), संवाद सूत्र। मांझी इंटर कालेज में सत्र 2020-22 के परीक्षार्थि‍यों की वार्षिक प्रायोगिक परीक्षा में अवैध वसूली का वीडियो वायरल होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। राजद ने ट्व‍िटर पर वसूली का वीडियो पोस्‍ट कर लिखा है कि यह बिहार के छपरा का है। बिहार में अनैतिक शासन में प्रैक्टिकल परीक्षा धंधा बन गया है। बता दें कि वीडियो वायरल होने के बाद डीईओ के निर्देश पर बीईओ ने शुक्रवार को कालेज पहुंचकर इसकी जांच की थी। उन्‍होंने कहा कि जांच में गड़बड़ी पाई गई है। जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है। 

प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए लिए जा रहे थे पैसे

बताया जाता है कि 2020-22 सत्र के इंटर छात्रों की 10 जनवरी से होम सेंटर पर प्रायोगिक परीक्षा चल रही है। इस दरम्यान मांझी इंटर कालेज के छात्रों  से कालेज के प्राचार्य के निर्देश पर प्रति छात्र से पांच सौ रुपये की अवैध उगाही की जा रही है। लेन-देन का एक वीडियो वायरल भी हुआ है। उसमें कालेज के कुछ अवैध व रिटायर्ड कर्मी कोरोना का नाम लेकर रुपये की मांग करते दिख रहे हैं। वी‍ड‍ियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी को मिलते ही जांच के लिए एक टीम को भेजा था।

(वायरल वीडियो को राजद ने किया ट्वीट)

प्राचार्य ने कहा, यह विरोधियों की साजिश

कालेज के छात्रों का आरोप है कि कालेज में प्रायोगिक परीक्षा में पांच सौ रुपया लिए जा रहे हैं। कुछ छात्रों ने इसका विरोध किया तो उन्‍हें परीक्षा में फेल कराने की धमकी दी गई। इधर कालेज के प्राचार्य प्रो. सत्यप्रकाश प्रसाद का कहना है कि यह आरोप बेबुनियाद है। यहां विरोधियों ने वीडियो वायरल किया गया है, जो सत्य नहीं है। वहीं मांझी के बीईओ ने बताया कि प्रायोगिक परीक्षा में कुछ छात्र -छात्राओं से पैसा लिया गया था, कुछ से लिया जा रहा था। प्रायोगिक परीक्षा में अवैध वसूली की गई है। उसका हमने रिपोर्ट बनाकर जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेज दी है। 

Edited By: Vyas Chandra