पटना [काजल]। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी (Shivanand Tiwari) ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को सलाह दी है कि वेे बिहार की भलाई के लिए राष्ट्रीय पटल पर आगे बढ़ें और विपक्ष का नेतृत्‍व करें। jagran.com से खास बातचीत में उन्होंने माना कि महागठबंधन (Grand Alliance) कमजोर हुआ है। आरजेडी की स्थिति भी ठीक नहीं। लेकिन हमारे नेता तेजस्वी यादव (Tehasjwi Yadav) ही हैं।
तेजस्वी की वापसी का हो रहा इंतजार
शिवानंद तिवारी ने कहा कि आरजेडी अभी कई तरह की परेशानियां झेल रहा है, लेकिन, हम मिल-जुलकर पहले की ही तरह मजबूती से खड़े होंगे। हमारे नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yasav) किन्हीं खास वजहों से अभी दिल्ली में हैं। शायद जल्द ही पटना आएंगे। तेजस्वी आएंगे और फिर पूरी सक्रियता और तन्मयता से पार्टी की कमान संभालेंगे।
हमारे नेता तेजस्‍वी यादव
क्‍या तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) को आरेजडी का नेता बनाया जा सकता है? इस सवाल पर शिवानंद तिवारी ने कहा कि मीडिया में जो भी कयास लगे, हमारे नेता तेजस्वी यादव ही हैं। तेज प्रताप ने भी बार-बार खुद कहा है कि वो तेजस्वी को अपना अर्जुन मानते हैं और खुद को कृष्ण। फिर एेसे में नेता बनने या बनाने का सवाल कहां उठता है?
महागठबंधन हुआ कमजोर
शिवानंद तिवारी ने कहा कि अभी की जो स्थिति है उसमें महागठबंधन (Grand Alliance) कमजोर हुआ है। यहां नेतृत्व का संकट है। हमारी पार्टी बिहार की सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन जब परेशानियां आती हैं तो कोई भी साथ नहीं देता, धीरे-धीरे सब किनारा कर लेते हैं। मुझे पूरी यकीन है कि हमारे नेता और कार्यकर्ता निराशा और हतोत्साह के दौर से जल्द ही उबर जाएंगे। सब ठीक हो जाएगा।
लालू के नहीं रहने से परेशानी
शिवानंद तिवारी ने कहा कि आज आरजेडी की स्थिति से पार्टी के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव भी चिंतित हैं। पारिवारिक परेशानियों के साथ ही पार्टी भी संकट के दौर से गुजर रही है। लालू बाहर रहते तो पार्टी की यह हालत नहीं होती।
देशहित में सोचें नीतीश कुमार

शिवानंद तिवारी ने कहा कि तीन तलाक, अनुच्छेद 370 और राम मंदिर जैसे मुद्दों पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने जो स्टैंड लिया है, उसका हम समर्थन करते हैं। ऐसे में नीतीश कुमार को भी देश हित में हमारे साथ आना चाहिए।
सीएम से आगे तक नीतीश की क्षमता
उन्होंने कहा कि अभी देश में विपक्ष का कोई चेहरा नहीं है। नीतीश की क्षमता सिर्फ मुख्‍यमंत्री (CM) तक ही सीमित नहीं है। अगर वे विपक्ष का नेतृत्व करें तो उन्हें आरजेडी का समर्थन मिलेगा।
सिद्धांतों से समझौता नहीं करते नीतीश
शिवाानंद तिवारी ने कहा कि वे नीतीश कुमार के साथ भी रहे हैं और अब लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के साथ हैं। दोनों में भले ही वैचारिक मतभेद हों, लेकिन दोनों शुरू से ही धर्मनिरपक्ष ताकतों (Secular Forces) के खिलाफ लड़ाई लड़ते रहे हैं। आज भी नीतीश कुमार एनडीए में रहकर भी अपने स्टैंड पर कायम हैं और सधी राजनीति करते हैं। 

Posted By: Kajal Kumari

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