पटना [जेएनएन]। बिहार में शराबबंदी (Liquor Ban) का कानून लागू है, लेकिन शराब की बिक्री रुक नहीं रही। बुधवार को पटना में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान शराब भी की भट्ठी मिली। इस बीच, राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक भाई वीरेंद्र (Bhai Virendra) ने यह कहकर सियासी गर्मी ला दी है कि बिहार में महगठबंधन (Grand Alliance) की सरकार बनी तो शराबबंदी को लेकर जनमत संग्रह (Referendum) कराया जाएगा। इसपर जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने उन्‍हें दिन में सपने नहीं देखने की सलाह दी है।

विदित हो कि शराबबंदी के बाद बिहार में सालाना करीब चार हजार करोड़ रुपये के राजस्‍व नुकसान का अनुमान लगाया गया है। इसकी भरपाई के लिए अन्‍य करों में बढ़ोतरी की गई है। मुख्‍यमंत्री (CM) नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने घोषणा की है कि वे जबतक सत्‍ता में रहेंगे, शराबबंदी से समझौता नहीं करेंगे।

आरजेडी का आरोप: बिहार में केवल नाम की शराबबंदी

आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि बिहार में केवल नाम की शराबबंदी है। अवैध रूप से शराब की बिक्री तो हो ही रही है। इससे राजस्व का नुकसान हो रहा है। अवैध शराब की बिक्री से भ्रष्‍टाचार (Corruption) भी बढ़ा है और अवैध धन बड़े अधिकारियों और नेताओं के पास जा रहा है।

महागठबंधन की सरकार बनी तो होगा जनमत संग्रह

भाई वीरेंद्र ने कहा कि जिस समय मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी कानून लागू किया था, उसी समय आरजेडी ने विरोध किया था। इसलिए अगले विधानसभा चुनाव (Assembly Election) के बाद जब महागठबंधन की सरकार बन जाएगी, तब इस मसले पर जनमत संग्रह कराकर उसके अनुसार फैसला लिया जाएगा।

जेडीयू का जवाब: दिन में सपने नहीं देखे आरजेडी

भाई वीरेंद्र के बयान पर राजनीति गर्म हो गई। इसका जवाब देते हुए जेडीयू नेता और मंत्री श्याम रजक (Shyam Rajak) ने कहा कि आरजेडी को अपने शासन काल के दौरान समाज में कटुता फैलाने तथा शोषण व दोहन करवाने को लेकर भी जनमत संग्रह करवाना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि नीतीश कुमार विकास के पर्याय बन चुके हैं, उनके साथ जनमत है। आरजेडी चुनाव में जीत के सपने देखना बंद कर दे। महागठबंधन की सरकार नहीं बनने वाली।

Posted By: Amit Alok

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