RJD में अब नहीं चलेंगे दो पावर सेंटर! जिलाध्यक्षों के हाथ में होगी कमान, प्रदेश कमेटी में भी बड़े बदलाव के संकेत
RJD में गुटबाजी खत्म करने के लिए शीर्ष नेतृत्व ने जिलाध्यक्षों को अधिक अधिकार देने का फैसला किया है। इससे ...और पढ़ें

राजद में गुटबाजी रोकने की तैयारी। फाइल
HighLights
जिलाध्यक्षों को मिलेंगे अधिक अधिकार, खत्म होगी गुटबाजी।
संगठनात्मक निर्णय जिलाध्यक्षों के स्तर पर ही होंगे।
प्रदेश कमेटी में भी बड़े बदलाव की तैयारी।
राज्य ब्यूरो, पटना। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की परेशानी का एक बड़ा कारण गुटबाजी भी है। अब शीर्ष नेतृत्व ने इस पर पूर्णतया नियंत्रण की रूप-रेखा तैयार कर ली है।
इसकी शुरुआत जिलाध्यक्षों को अधिक अधिकार देकर होगी। इससे जिलों में दो पावर सेंटर नहीं होंगे। अपने जिले में संगठन से जुड़े निर्णयों में जिलाध्यक्ष की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण होगी और वे अंतिम रूप से निर्णायक होंगे।
अब तक प्रदेश नेतृत्व के स्तर से प्रधान महासचिव की घोषणा होती रही है। अब जिलाध्यक्ष उनका चयन करेंगे। इससे समानांतर प्रभाव रखने वाले दो केंद्रों की नौबत नहीं बनेगी।
जिला स्तर पर प्रधान महासचिव का चयन
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में हार और पार्टी के आधार मतों में बदलाव के संकेत के बाद संगठनात्मक स्तर पर परिवर्तन का निर्णय लिया गया।
उसके लिए पहले प्रदेश से लेकर जिला, प्रखंड, पंचायत स्तर तक की कमेटियां भंग की गईं। फिर जिलाध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया शुरू हुई।
बहरहाल जाति-धर्म के बजाय योग्यता के आधार पर जिलाध्यक्षों का चयन हो चुका है। घोषणा मात्र बाकी है, जो यथाशीघ्र होगी। नए जिलाध्यक्षों को पर्याप्त अधिकार मिलेगा।
जिला स्तर पर सांगठनिक मसलों में उनकी निर्णायक भूमिका होगी और पदाधिकारियों का मनोनयन उनके स्तर से होगा। प्रधान महासचिव अब जिलाध्यक्षों के निर्देश का अक्षरश: अनुपालन करेंगे।
प्रदेश कमेटी में भी बदलाव
युवा वय का कार्यकारी अध्यक्ष होगा, जो प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल को उनके कार्यों में सहयोग करेगा। नई प्रदेश कमेटी में प्रधान महासचिव और कोषाध्यक्ष के साथ 12 उपाध्यक्ष और 20 महासचिव बनाए जा सकते हैं।
