यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: 'महाठगबंधन का सबसे बड़ा ठग...', BJP ने पूर्णिया पर ली कांग्रेस की चुटकी, तो लालू पर कसे तीखे तंज
Bihar Political News in Hindi भाजपा ने महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर मची रार पर तीखे तंज कसे हैं। ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, पटना। Lok Sabha Elections 2024 । भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर मिश्र ने कटाक्ष करते हुए कहा कि राजद 'महाठगबंधन' का सबसे बड़ा ठग है। राजद के सामने कांग्रेस की एक नहीं चली। आखिरकार कांग्रेस को नौ सीटों पर मानना ही पड़ा। यही नहीं, कांग्रेस को राजद ने अपने मनमुताबिक सीटें दी।
प्रभाकर मिश्र ने आगे कहा कि पूर्णिया, औरंगाबाद एवं बेगूसराय सीट के लिए कांग्रेस गिड़गिड़ाती रही, लेकिन राजद ने इनमें से कोई सीट कांग्रेस को नहीं दी। सबसे बुरा हश्र तो पप्पू यादव का हुआ, जो पूर्णिया से चुनाव लड़ने की शर्त पर अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय किया था।
लालू-राबड़ी पर कसा तंज
राजद की पति-पत्नी की सरकार ने 15 वर्षों तक बिहार की जनता को ठगा। लेकिन, जब बिहार की जनता राजद की ठगी से सतर्क हो गई, तो ये ठगी का खेल आपस में ही करने लगे। बिहार एवं यूपी सहित ज्यादातर राज्यों में कांग्रेस की स्थिति क्षेत्रीय पार्टियों के आगे बंधुआ मजदूर जैसी है। एक राष्ट्रीय पार्टी की इतनी खराब स्थिति कभी नहीं देखी गई।
जो सहयोगियों का नहीं वो भला देश का क्या होगा: मंगल पांडेय
स्वास्थ्य एवं कृषि मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार में काफी नाटकीय घटनाक्रम के बाद महागठंधन ने सीट शेयरिंग का फार्मूला तय किया। राजद ने हमेशा की तरह कांग्रेस को अपमानित किया। सीटों के बंटवारे में अपनी धौंस दिखाई।
मंगल पांडेय ने आगे कहा कि लंबे अरसे से बिहार की राजनीति में कांग्रेस राजद की पिछलग्गू बनी हुई है। जिस राजद ने राज्य की जनता को ठगा वो भला कांग्रेस को क्यों न ठगेगी। राजद पूरी तरह से भ्रष्टाचार व परिवारवाद में डूबी है। जो अपने सहयोगी का नहीं वो जनता का क्या होगा।
मंगल पांडेय ने कहा कि राजद ने पूर्णिया सीट पर कांग्रेस को जो धोबी-पछाड़ दी है, वो कांग्रेस के लिए अपमान और सदमे से कम नहीं है। पप्पू यादव अपनी पार्टी का विलय इस शर्त पर कांग्रेस के साथ करते हैं कि उनको पूर्णिया संसदीय क्षेत्र से चुनाव का टिकट दिया जाएगा। मगर कांग्रेस की इतनी भी हैसियत नहीं रह गई कि वो एक सीट दिलवा पाए।
