पटना, जेएनएन। राजद (RJD) ने कांग्रेस की मांग को दरकिनार करते हुए राज्यसभा चुनाव को लेकर अपने दोनों उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी और उसके बाद दोनों का नामांकन भी करा दिया। राजद ने प्रेमचंद मिश्रा और अमरेंद्रधारी सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस से किए वादे के बावजूद राजद ने दोनों सीटें अपने कब्जे में कर लीं। यहां तक कि राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने तो कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल के पत्र को भी फर्जी करार दिया। 

राजद कार्यालय में गुरुवार की सुबह आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने दोनों उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की, जिसमें प्रेमचंद गुप्ता और अमरेंद्रधारी सिंह के राज्यसभा भेजने के लिए उनकी उनकी उम्मीदवारी तय की गई। प्रेमचंद गुप्ता का नाम तो संभावित था, लेकिन अमरेंद्रधारी सिंह की कोई चर्चा भी नहीं थी। 

राजद के दोनों प्रत्याशियों ने भरा नामांकन

राजद के राज्यसभा प्रत्याशी प्रेमचंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह ने विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और राजद के वरिष्ठ नेता भोला यादव समेत राजद के कई नेतागण मौजूद थे।

अमरेंद्रधारी सिंह ने कहा-राजनीति में मैं नया नहीं हूं

नामांकन करने के बाद अमरेंद्र सिंह धारी ने कहा कि मैं राजनीति के लिए नया नहीं हूं। मेरे परिवार के लोग पांच बार सांसद रह चुके हैं। इस तरह से राजनीति मेरे लिए नई चीज नहीं है, मैंने घर में राजनीतिक माहौल देखा है, मैं राजनीति समझता हूं और आज पार्टी ने मुझे जो जिम्मेवारी दी है, उसे मैं पूरी निष्ठा से निभाऊंगा और उसपर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। 

अंतिम समय में कटा फैसल अली का पत्ता, अमरेंद्रधारी सिंह को मिली जगह 

बता दें कि राज्यसभा चुनाव के लिए सीट के नामांकन की आखिरी तारीख से ठीक एक दिन पहले राजद ने पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित कर इसकी घोषणा की है। पहले से प्रेमचंद गुप्ता के साथ फैसल अली का नाम सामने आ रहा था, बस उनके नाम पर मुहर लगनी थी। लेकिन, अंतिम समय में फैसल अली का पत्ता कट गया और राजद ने उनकी जगह अमरेंद्रधारी सिंह को राज्यसभा भेजने का फैसला लिया।

लालू के नए समीकरण की चर्चा 

कहा जा रहा है कि राजद के इस फैसले के पीछे लालू यादव की भूमिका के साथ-साथ जातिगत समीकरण साधने की कोशिश भी हो सकती है, क्योंकि अमरेन्द्रधारी सिंह अगड़ी जाति से आते हैं और बड़े व्यवसायी हैं। ये भी कहा जा रहा है कि अमरेंद्रधारी सिंह सामाजिक कार्यकर्ता हैं। अमरेन्द्रधारी सिंह का नाम आगे लाकर राजद ने फिलहाल सभी को चौंका दिया है। बता दें कि लालू परिवार के करीबी प्रेमचंद गुप्ता मनमोहन सिंह की सरकार में मंत्री भी रहे हैं।

कांग्रेस की नहीं चली, राजद ने कहा-फर्जी थी चिट्ठी

इससे पहले राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले कांग्रेस ने एक सीट पर अपना दावा किया था। बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने लालू प्रसाद यादव की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनता दल के नाम खुली चिट्ठी लिखी थी, जिसे जगदानंद सिंह ने आज फर्जी करार दिया और कहा कि एेसी कोई बात ही नहीं हुई थी।

कांग्रेस नेता ने कहा-राजद को नहीं खोनी चाहिए भाषाई मर्यादा

राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बयान पर कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि जब गठबंधन में होते हैं तो काफी सारी बातों का ख्याल रखना होता है, लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि आप भी गठबंधन में रहकर विरोधियों की भाषा बोलने लगें। उन्हें भाषाई मर्यादा नहीं खोनी चाहिए। 

Posted By: Kajal Kumari

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