पटना [जेएनएन]। राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)  में सीट शेयरिंग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) व जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के बीच तालमेल के बाद पक्ष-विपक्ष की राजनीति गरमा गई है। राजग के घटक दल राष्‍ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) ने भी सीट शेयरिंग के मौजूदा फॉर्मूले को फिलहाल स्‍वीकार करने से इनकार करते हुए इशारों में ही धमकी दे डाली है।

कुशवाहा बोले: पहले संख्‍या तो सामने आने दीजिए

भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह व जदयू सुप्रीमो एवं मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा संयुक्‍त संवाददाता सम्‍मेलन में सीट शेयरिंग क घोषणा के बाद रालोसपा सुप्रीमो व पीएम मोदी की सरकार में मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि अभी घोषणा का कोई अर्थ नहीं है। बराबर सीटों का मतलब तो पांच-पांच या 10-10 या और कुछ भी हो सकता है। संख्‍या तो सामने आने दीजिए। कुशवाहा ने घोषणा का विरोध नहीं तो समर्थन भी नहीं किया।

साथ ही घोषणा के ठीक बाद उनकी अरवल में तेजस्‍वी यादव से मुलाकात ने भी चर्चाओं को जन्‍म दे दिया। हालांकि, इसके बाद जब विवाद फंसा तो उन्‍होंने सफाई भी दी कि वे राजग में हैं और अगले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही होंगे।

नागमणि ने इशारों में दे डाली धमकी

कुशवाहा ने भले ही कुछ नहीं कहा, लेकिन रालोसपा के नागमणि ने बात रख ही दी। उन्‍होंने कहा कि अगर जनाधार के आधार पर न्‍याय नहीं मिला तो पार्टी विचार करेगी। उन्‍होंने यह भी कह दिया कि तेजस्‍वी व कुशवाहा की मुलाकात रंग दिखा सकती है।

राजद-कांग्रेस ने कही ये बात

राजग में सीट शेयरिंग के फॉमूले पर विपक्ष की भी प्रतिक्रियाएं लगातार मिल रही हैं। बिहार कांग्रेस के कार्यकारी अध्‍यक्ष कौकब कादरी ने कहा कि राजग में कब कौन बड़ा और कौन छोटा भाई बन जाता है, पता नहीं रहता। फिलहाल तो भाजपा व जदयू संग भाई बन गए हैं और उपेंद्र कुशवाहा व रामविलास पासवान को सौतेला भाई बना दिया है। राजद के भाई वीरेंद्र ने भी कहा कि अभी तो शुरुआत है, आगे-आगे देखिए होता है क्‍या।

Posted By: Amit Alok

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