पटना [जेएनएन]। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 56-59वीं संयुक्त मुख्य परीक्षा का परिणाम 17 माह बाद भी जारी नहीं होने से अभ्यर्थी हलकान हैं। वहीं पदाधिकारी मुख्य वजह बताने से बच रहे हैं। रिजल्ट के लिए छह माह में 18 से अधिक बार अभ्यर्थी ज्ञापन सौंपने के साथ-साथ धरना-प्रदर्शन आदि दे चुके हैं। हर बार एक माह में रिजल्ट प्रकाशन का आश्वासन मिला। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें रिजल्ट के बजाय आयोग तारीख पर तारीख दे रहा है।

अभ्यर्थियों के आक्रोश को देखते हुए गुलाम रसूल बलियावी ने बिहार विधान परिषद में रिजल्ट प्रकाशन के बाबत प्रश्न पूछा था। सदन को बताया गया था कि 56वीं से 59वीं संयुक्त मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा का परिणाम 30 नवंबर तक प्रकाशित कर दिया जाएगा।

इसके साथ ही राज्य सरकार ने बीपीएससी के साथ समीक्षात्मक बैठक कर प्रतियोगिता परीक्षाओं के समय पर आयोजन और रिजल्ट के लिए समुचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। बीपीएससी प्रबंधन का कहना है कि अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने के कारण रिजल्ट प्रकाशन प्रक्रिया में देर हो रही है।

इस संबंध में बीपीएससी के एक सदस्य ने बताया कि रिजल्ट तैयार है। प्रारंभिक जांच में ही कुछ दोष दिखने के कारण सभी की दोबारा जांच की जा रही है। अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने के कारण जांच में देर हो रही है। सबकुछ ठीक रहा तो जनवरी अंतिम सप्ताह या फरवरी प्रथम सप्ताह में मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया जाएगा। 

पिछले साल जुलाई में हुई थी मुख्य परीक्षा

56-59वीं संयुक्त मुख्य (लिखित) परीक्षा आठ से 30 जुलाई, 2016 के बीच आयोजित की गई थी। सामान्य तौर पर परीक्षा के सात-आठ माह के बाद मुख्य परीक्षा का रिजल्ट जारी किया जाता है। मार्च, 2013 में 53-55वीं संयुक्त परीक्षा का फाइनल रिजल्ट निकाला गया था। इसके बाद से फाइनल रिजल्ट का प्रकाशन नहीं हुआ है। 56-59वीं संयुक्त परीक्षा का विज्ञापन दो सितंबर, 2014 को प्रकाशित किया गया। प्रारंभिक परीक्षा 15 मार्च, 2015 को तथा इसके रिजल्ट का प्रकाशन आठ माह बाद 21 नवंबर को किया गया था।

Posted By: Ravi Ranjan

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