पटना [रोशन कुमार]। धोखेबाज एनआरआइ पतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहीं भारतीय महिलाओं के लिए जब दैनिक जागरण में राहत भरी खबर छपी तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। एनआरआइ पतियों के खिलाफ सघर्ष कर रहीं देशभर की अनेक महिलाओं ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कुछ ने दैनिक जागरण को फोन कर धन्यवाद कहा और आगे भी उनकी लड़ाई में साथ मागा।

बता दें कि चार अप्रैल को दैनिक जागरण ने 'धोखेबाज एनआरआइ पतियों के खिलाफ लड़ रहीं जंग' शीर्षक से खबर प्रकाशित कर पीड़िताओं की आवाज को देश के सामने रखा था। जिसके बाद केंद्र सरकार ने घोषणा की कि धोखेबाज एनआरआइ पतियों को दबोचने के लिए विशेष नोडल एजेंसी को लुक आउट नोटिस जारी करने का अधिकार दे दिया गया है। दैनिक जागरण में इस घोषणा को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद देश भर में ऐसी पीड़िताओं में न्याय को लेकर नई आस जाग गई। महिला और बाल विकास मत्रालय ने जागरण की खबर को ट्वीट कर शेयर किया तो महिला और बाल विकास मत्री मेनका गाधी ने इस खबर को रीट्वीट कर पीड़िताओं को एक सदेश दिया। खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। पीड़ित परिवारों ने और पीड़िताओं ने खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी। बताते चलें कि केंद्र सरकार ने महिला व बाल विकास मत्रालय, गृह, विदेश और कानून मत्रालय के अधीन एक एकीकृत नोडल एजेंसी बनाई है, जिसे धोखेबाज एनआरआइ पतियों पर शिकंजा कसने के लिए पर्याप्त अधिकार दिए गए हैं। इनमें लुकआउट नोटिस जारी करना भी शामिल है।

मेनका गाधी ने किया रीट्वीट

दैनिक जागरण में 'धोखेबाज एनआरआइ पतियों पर शिकंजा' शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल हुई। महिला व बाल विकास मत्रालय ने इस खबर को अपने ट्विटर एकाउंट पर डाला। इसके बाद महिला व बाल विकास मत्री मेनका गाधी ने भी इस खबर को अपने रीट्वीट किया। इसके अलावा एनआरआइ पतियों के खिलाफ सघर्ष कर रहीं महिलाओं ने भी इस खबर को अपने-अपने जमकर शेयर किया। फेसबुक पर भी इस खबर को सघर्षरत महिलाओं ने पोस्ट किया। एक पीड़िता ने पोस्ट करते हुए लिखा- भागो भगोड़ों भागो हिंदुस्तान की सरकार अब नहीं छोड़ेगी..।

जागी न्याय की उम्मीद..

दैनिक जागरण में खबर के प्रकाशन के बाद केंद्र सरकार ने धोखेबाज एनआरआइ पतियों पर शिकंजा कसने को बनाई पुख्ता व्यवस्था, पीड़िताओं में जागी न्याय की उम्मीद।

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दैनिक जागरण का बहुत आभार। अच्छी बात यह जागरण ने हमारी लड़ाई को मुकाम तक पहुंचाया। खबर प्रकाशित होने के बाद एनआरआइ पति के धोखे से पीड़ित कई महिलाएं सामने आईं हैं।

-सुजाता, पीड़िता, पटना

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कमजोर कानून होने की वजह से हमारी लड़ाई को बल नहीं मिल रहा था। थैंक्यू जागरण। अब सरकार ने नोडल एजेंसी को लुकआउट नोटिस जारी करने का अधिकार दे दिया है।

-सुमेरा, पीड़िता, पुणे

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केंद्र सरकार की नोडल एजेंसी कितना प्रभावी रूप से काम करती है यह देखने वाली बात होगी। तीन साल से इस लड़ाई की वजह से मैं सो नहीं पायी हूं। मुझे विदेश मत्री सुषमा स्वराज जी से बहुत उम्मीदें हैं।

-जुबी जैदी, पीड़िता, लखनऊ

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एनआरआइ पतियों के खिलाफ सघर्ष कर रहीं हम सभी महिलाएं दैनिक जागरण की बहुत आभारी हैं। यदि जागरण नहीं होता तो हमारी आवाज सरकार तक नहीं पहुंच पाती।

-ऋतु शर्मा, पीड़िता, हिमाचल प्रदेश

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हमारी लड़ाई को सरकार तक पहुंचाने के लिए दैनिक जागरण को विशेष आभार। नोडल एजेंसी बनाने की बात कही जा रही है। मेरा सरकार से आग्रह है कि जिस भी धोखेबाज एनआरआइ पति के खिलाफ एफआइआर दर्ज होती है उनका पासपोर्ट रद किया जाए।

-परविदर कौर, पीड़िता, लुधियाना

Posted By: Jagran