पटना [राजेश ठाकुर]। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) को लेकर पत्‍नी राबड़ी देवी (Rabri Devi) के ताजा बयान पर बिहार के राजनीतिक गलियारे में 'महाभारत' छिड़ा हुआ है। रविवार को बयानबाजी तेज है। इस बयानों के महाभारत में पूर्व सीएम जीतनराम मांझी, रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा, डिप्‍टी सीएम सुशील कुमार मोदी, कांग्रेस के राजेश राठौड़, बीजेपी के मंगलवार पांडेय से लेकर कई दिग्‍गज नेता कूद गए हैं। सुशील मोदी ने जहां राबड़ी देवी के बयान पर कटाक्ष किया है, वहीं कुशवाहा व मांझी खुलकर लालू यादव के समर्थन में आ गए हैं।  

राबड़ी देवी के बयान पर मचा बवाल

बता दें कि बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने शनिवार को बीजेपी पर बड़ा आराेप लगाया है। उन्‍होंने बयान जारी कर कहा है कि बीजेपी सरकार अस्पताल में जहर देकर लालू जी को मारना चाहती है। परिवार के किसी भी सदस्य को लालू जी से मिलने नहीं दिया जा रहा है। तमाम तरह की पाबंदियां लगाई जा रही हैं। भारत सरकार पगला गया है। इतना ही नहीं, पटना में शनिवार की देर शाम इसका वीडियो भी जारी किया गया था, जो काफी तेजी से वायरल हुआ। वीडियो को राबड़ी के ट्विटर एकाउंट पर पोस्‍ट भी किया गया था। राबड़ी ने यह भी कह दिया था कि गरीब-गुरबा यदि सड़क पर उतर गया तो अंजाम बुरा होगा। 

बोले सुशील मोदी 

राबड़ी के इसी बयान पर रविवार को बिहार के राजनीतिक गलियारे में 'महाभारत' छिड़ा हुआ है। बिहार के डिप्‍टी सीएम सुयाील मोदी ने ट्वीट कर कहा कि 'मैं राबड़ी जी की इस आशंका से सहमत हूं कि लालू प्रसाद के भोजन में जहर हो सकता है, लेकिन सरकार द्वारा दिए खाने में नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य द्वारा दिए गए खाने में हो सकता है। ऐसे में सरकार बाहर से आने वाले भोजन को रोकें और उचित जांच के साथ ही जेल का भोजन दें।' 

मंडल पांडेय ने किया ट्वीट 

इसी तरह मंत्री मंगल पांडेय ने भी ट्वीट कर राबड़ी देवी पर तंज कसा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा- 'दो चरणों के चुनाव में राजद को अहसास हो गया है कि बांकी पांच चरणों में इससे भी बुरा हश्र होने वाला है। इसलिए राबड़ी देवी नया शिगूफा छोड़ जनता से सहानुभूति बटोरने का असफल प्रयास कर रही हैं, लेकिन जनता राजद परिवार से मुक्ति चाहती है।' 

उपेंद्र कुशवाहा आए समर्थन में

उधर रालोसपा प्रमुख रविवार को उजियारपुर में हैं। उजियारपुर से ही उन्‍होंने ट्वीट कर लालू यादव को अब तक बेल नहीं मिलने पर सवाल उठाया है। कुशवाहा ने ट्वीट कर लिखा है- 'बड़े-बड़े घोटालेबाजों को जब मिला है बेल, फिर गरीबों के मसीहा लालू जी को क्यों जेल? उस जेल का फाटक टूटेगा, जब महागठबंधन जीतेगा...!' इसके साथ ही उपेंद्र कुशवाहा ने उजियारपुर में रोड शो का फोटो भी टैग किया है। उधर कांग्रेस के राजेश राठौड़ ने भी कहा है कि लालू के साथ झारखंड सरकार ठीक नहीं कर रही है, जबकि शरद यादव ने ट्वीट कर लिखा है- जिस तरह से आज लालू जी के साथ हो रहा है और राबड़ी जी कितनी दुखी हैं, हम सभी को सोचना है कि यह इनके साथ ही क्यों हो रहा है। साफ है कि यह सरकार सामाजिक न्याय के लिए लड़ने वालों से डरती है। फिर जिस तरह से मेरे साथ भी हाल में किया कि संसद से निलंबित कर दिया तो यह सरकार देशहित में नहीं है। 

जीतनराम मांझी ने कहा

दूसरी ओर हम प्रमुख व बिहार के पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने रविवार को प्रेस बयान जारी कर कहा है कि लालू यादव से केंद्र और राज्य सरकार डर गई है। डर का ही असर है कि उनके उपर लगातार प्रतिबंध लगाया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि अगर लालू यादव को कुछ हो गया तो उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। वहीं हम के प्रवक्‍ता दानिश रिजवान ने इसे लेकर झारखंड सरकार पर हमला बोला है। दानिश ने कहा कि झारखंड सरकार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इशारे पर लालू प्रसाद यादव को नजरबंद कर उन्हें प्रताड़ित कर रही है। न ही उन्हें डॉक्टरों से मिलने की इजाजत है और न ही परिजनों से, आख़िर ये कैसा क़ानून है जब एक सज़ायाफ़्ता बंदी अपने परिजनों से भी नहीं मिल सकता, जबकि जेल मैनुअल में स्पष्ट है कि सजायाफ्ता बंदी जब चाहे तब अपने परिजनों से मुलाकात कर सकता है। 

यह है मामला

उन्‍होंने कहा कि लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए नीतीश कुमार डर गए हैं। लालू यादव का खौफ उनके दिमाग से नहीं निकल रहा है। उन्‍हें अब हार का डर सताने लगा है और उन्हें ऐसा लगने लगा है कि लालू अगर जेल में अपने परिजनों से भी मिलेंगे तो भी बिहार में एनडीए NDA की नैया डूब जाएगी। दानिश ने यह भी कहा कि अगर लालू यादव को कुछ हो गया तो आम जनमानस में इसका भयंकर प्रभाव पड़ेगा, जिसका आकलन करना भी मुश्किल होगा। 

 

Posted By: Rajesh Thakur