पटना [जागरण टीम]। एक मां अपने बच्चे के टूटे पैर का इलाज कराने अस्पताल पहुंची। अस्पताल के ड्रेसर ने मदद के बहाने महिला को बुलाया और एक कमरे ले गया और कमरे को बंद कर उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला चिल्लाती रही लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नहीं था।

बदहवास महिला को छोड़कर ड्रेसर भाग रहा था कि महिला ने पूरी ताकत लगाई और रोते हुए सुरक्षाकर्मी से गुहार लगाई। सुरक्षाकर्मी ने उसे धर दबोचा तबतक लोगों की काफी भीड़ इकट्ठा हो चुकी थी। लोगों ने उसकी जमकर धुनाई कर दी और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।

जानकारी के मुताबिक पीड़िता के पांच साल के बच्चे का पैर टूट गया था, जिसे उसने पांच दिन पहले इलाज के लिए डीएमसीएच के आर्थो विभाग में भर्ती कराया था। उसका इलाज ऑर्थो के विभागाध्यक्ष डॉ लालजी चौधरी की देखरेख में चल रहा है।

इस बीच बच्चे को प्लास्टर नहीं चढ़ा था, जिसकी वजह से महिला परेशान थी। वह विभाग में काम करनेवाले कर्मचारियों से प्लास्टर चढ़ाने के बारे में पूछ रही थी। इसी बीच शनिवार की देर शाम विापिन कुमार नाम के अवैध ड्रेसर ने महिला को मदद के बहाने अपने साथ आने को कहा।

विपिन कुमार ने उसे विभागाध्यक्ष डॉ लालजी चौधरी की यूनिट के सामने बने कमरे में ले गया और बंद कमरे में ही महिला के साथ दुष्कर्म किया। घटना से बदहवाश महिला ने जब शोर मचाना शुरू किया, तो विभाग में भर्ती अन्य मरीजों के परिजन मौके पर जमा हो गये।

इस बीच वहां सुरक्षा के लिए तैनात कर्मचारी भी पहुंच गया। कमरे के बाहर लोगों को देख आरोपित ड्रेसर विपिन कुमार मौके से भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन सुरक्षा कर्मी ने उसे पकड़ लिया।

घटना की जानकारी तुरंत बेता थाना पुलिस को दी गयी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपित ड्रेसर विपिन कुमार को गिरफ्तार कर लिया। इधर, जैसे ही घटना की जानकारी अस्पताल में फैली, हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पीड़िता के बच्चे को प्लास्टर चढ़ाया गया।

बताया जाता है कि उसके इलाज से संबंधित कागजात भी डॉक्टरों ने अपने पास रख लिया और प्लास्टर के बाद बच्चे को डिस्चार्ज करने की तैयारी थी, लेकिन पीड़ित महिला ने कहा कि उसे जब तक न्याय नहीं मिल जाता है, तब तक वह मौके से नहीं जायेगी।

महिला थानाध्यक्ष सीमा कुमार ने देर रात पीड़िता का बयान दर्ज किया, जिसमें उसने अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। महिला थानाध्यक्ष ने बताया कि पीड़िता ने खुद के साथ दुष्कर्म की बात कही है। उन्होंने कहा कि बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

कहा एसडीपीओ ने -

घटना की जानकारी मिली है. इसकी जांच करायी जा रही है. इसका जिम्मा महिला थानाध्यक्ष को सौपा गया है.

- दिलनवाज अहमद, एसडीपीओ सदर

इधर पीएमसीएच की हो या डीएमसीएच की, इन अस्पतालों में महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटना ने खलबली मचा दी है।

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पीएमसीएच में दुष्कर्म का प्रयास, पुलिस बेखबर

पीएमसीएच में शनिवार दोपहर एक बड़ी घटना होने से टल गई। एक मनचले ने शौच करने गई युवती से दुष्कर्म का प्रयास किया। युवती के शोर मचाने पर आरोपी भाग निकला, हालांकि वह करीब एक घंटे तक अस्पताल में ही चक्कर लगाता रहा।

इस बीच पीडि़ता के भाई ने पटना पुलिस के कंट्रोल रूम नंबर 100 पर कॉल कर जानकारी दी तो जवाब मिला कि थाने में जाकर शिकायत करो। युवक पुलिस से शिकायत करने के लिए पीएमसीएच आउटपोस्ट में जा रहा था, तभी गश्ती दल से उसकी मुलाकात हो गई।

उसने पुलिसकर्मियों को घटना की जानकारी दी तो उन्होंने सुधि नहीं ली और आउटपोस्ट जाने को कहा। वहां जाने पर टाल-मटोल का रवैया अपनाया गया। दो बार आउटपोस्ट प्रभारी धनंजय कुमार को फोन पर इत्तिला दी गई, पर उन्होंने भी कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिसकर्मियों के गैर जिम्मेदाराना रवैये से नाराज लोगों ने कुछ देर हंगामा किया, फिर वरीय अधिकारियों से शिकायत करने का निर्णय लिया।

स्त्री एवं प्रसूति विभाग में हुई घटना

घटना स्त्री एवं प्रसूति विभाग के डी-वार्ड के शौचालय में हुई है। पीडि़ता मधुबनी जिले की रहने वाली है। दस दिन पहले उसकी मां की बच्चेदानी का ऑपरेशन हुआ था और फिलवक्त महिला डी-वार्ड में भर्ती है। पीडि़ता के मुताबिक शनिवार दोपहर 12:50 बजे वह शौचालय गई।

शौचालय के अंदर एक मनचला जबरन घुस गया और उसके साथ गलत हरकत की कोशिश करने लगा। युवती ने शोर मचाया तो वह भाग कर गलियारे में आ गया, जहां कुछ लोग खड़े थे। लोगों ने आरोपी को टोका तो वह बहाने बनाकर वहां से चला गया। इस घटना से पूर्व इसी फ्लोर पर के-वार्ड में भर्ती एक प्रसूता से भी उस मनचले ने छेड़खानी की थी।

शौचालय के दरवाजे में कर रखा है छेद

मनचलों ने न केवल शौचालयों के दरवाजे की अंदर वाली कुंडी को तोड़ दिया है, बल्कि दरवाजों में कई जगह छेद भी कर रखा है। महिलाओं की शिकायत है कि वे खुद को दिन और रात दोनों समय असुरक्षित महसूस करती हैं। इस विभाग में केवल महिला मरीजों को रखा जाता है।

लिहाजा, उनके साथ हमेशा एक महिला परिजन भी होती हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। इसके अलावा कई और अनियमितताएं व्याप्त हैं।

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सीसी कैमरे में कैद है हरकत

वार्ड में जगह-जगह पर सीसी कैमरे लगे हैं। यदि कैमरे चालू स्थिति में होंगे तो उसमें मनचले की पूरी हरकत कैद होगी। आरोपी और उसके साथी दिनभर गलियारे में ही घूमते रहते हैं, पर अस्पताल प्रशासन द्वारा कोई रोक-टोक नहीं की जाती।

कहा- एसएसपी ने

'गंभीर मामला है। मैं खुद घटना में हस्तक्षेप करूंगा। अस्पताल प्रशासन से सीसी कैमरे के फुटेज की मांग की जाएगी। शिकायत मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं करने पर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।

- मनु महाराज, एसएसपी

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