पटना, राज्य ब्यूरो। केंद्रीय मंत्री व लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान ने रविवार को कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एनडीए के नेता हैैं और रहेंगे। जदयू के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होने को लेकर कोई और अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए। उन्होंने खुद नीतीश कुमार से बात की है। नीतीश ने स्पष्ट कहा है कि विवाद का कोई मामला नहीं। मंत्रिमंडल के गठन को लेकर फॉर्मूले से वह सहमत नहीं, बस इतनी सी बात है। एनडीए पूरी तरह से अटूट है। पार्टी के सांसद चिराग पासवान, पशुपति कुमार पारस, रामचंद्र पासवान, महबूब अली कैसर व चंदन कुमार के साथ आयोजित एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने यह बात कही।

इस बार का चुनाव नरेंद्र मोदी के नाम पर हुआ

रामविलास ने कहा इस बार का चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम व काम पर हुआ। भाजपा ही सबको साथ लेकर चल सकती है। अगले पांच साल के खत्म होते-होते देश से सांप्रदायिकता और अगड़े-पिछड़े के बीच विभेद का मामला खत्म हो जाएगा। सिर्फ विकास ही मुद्दा रहेगा।

सभी घटक दल एकजुट हैं

बिहार में एनडीए की एकजुटता की चर्चा करते हुए रामविलास ने कहा कि यहां सभी घटक दलों ने पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ा। लोजपा के छह सांसद जीत कर आए, उसमें नीतीश कुमार का कम योगदान नहीं है। बिहार में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में लोजपा को जगह नहीं दिए जाने से संबंधित एक प्रश्न पर उन्होंने कहा कि यह कोई विषय नहीं है। पिछली बार नीतीश कुमार ने स्वयं जोर देकर पशुपति कुमार पारस को मंत्री बनवाया था। पार्टी का प्रतिनिधित्व रहे या नहीं रहे, पर एनडीए रहना चाहिए।

जीत में कार्यकर्ताओं का बड़ा योगदान

लोजपा प्रमुख ने कहा कि एनडीए की इस बड़ी जीत में कार्यकर्ताओं का बड़ा योगदान है। कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देने के लिए रैली आयोजित करने के संबंध में वह नीतीश कुमार और भाजपा के नेताओं से बात करेंगे।

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