पटना [राज्य ब्यूरो]। केंद्रीय मंत्री व लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) सुप्रीमो रामविलास पासवान ने सवाल किया कि सवर्णों के आरक्षण पर राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) के पेट में क्यों दर्द हो रहा है? राजद के अलावा कोई कुछ नहीं कह रहा? बड़े-बड़े बयान देने वाले राजद नेताओं का जनता हिसाब ले लेगी। रामविलास ने कहा कि वह तो निजी क्षेत्र की नौकरियों में भी 60 फीसद आरक्षण के पक्षधर हैैं। इसमें 10 फीसद सवर्णों के लिए होना चाहिए। 

सवर्ण आरक्षण की पक्षधर लोजपा

रामविलास पासवान ने कहा कि अपने स्थापना काल से ही लोजपा सवर्णों के लिए आरक्षण की बात करती रही है। इसके लिए एक बार पहले भी उनके स्तर से प्रयास हुआ था। तब के अटर्नी जनरल सोली सोराबजी से वैधानिक पहलू पर राय मांगी गई थी। इस बार सरकार जो संशोधन लायी है, उसे मौलिक अधिकार से जोड़ा गया है। इस वजह से किसी भी जनहित याचिका से यह प्रभावित नहीं होगा।

हमेशा विवाद की स्थिति चाहता राजद

इस आरक्षण में किसी का हिस्सा छीना नहीं जा रहा है। सवर्ण में मुस्लिम भी शामिल हैैं। राजद द्वारा गरीबों के हित पर राजनीति की जा रही है। राजद के लोग चाहते हैैं कि हमेशा विवाद की स्थिति बनी रही। मंडल आयोग की सिफारिश जिस वक्त लागू की गई, उस वक्त राजद ने समाज को बैकवर्ड और फॉरवर्ड के बीच बांट दिया। अब धीरे-धीरे 'माई' (मुस्लम-यादव) समीकरण पर आ गए हैैं।

दोमुंहे सांप की तरह कांग्रेस की स्थिति

कांग्रेस की स्थिति तो दोमुंहे सांप की तरह है। आनंद शर्मा जहां सरकार की तारीफ कर रहे हैैं, वहीं कपिल सिब्बल तर्क दे रहे हैैं।

निजी क्षेत्र में भी लागू हो आरक्षण

रामविलास ने कहा कि वह यह भी कहते रहे हैैं कि निजी क्षेत्र की नौकरियों में भी आरक्षण लागू होना चाहिए। यहां भी 10 फीसद सवर्णों का आरक्षण हो। उन्‍होंने कहा कि जजों की नियुक्ति कोलेजियम के बजाय यूपीएससी की तर्ज पर आयोग बनाकर हो।

Posted By: Amit Alok