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ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी को खेलते देखने नहीं जाना होगा दूसरे राज्य! राजगीर में दिसंबर 2026 में होगा पहला मैच

Published: Thu, 17 Sep 2026 04:02 PM (IST)

Rajgir Cricket Stadium: राजगीर में 633 करोड़ रुपये की लागत से बना विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स दिसंबर 2026 तक पहला मैच आयोजित करने के लिए तैयार है।

राजगीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम (Bihar Rajgir International Cricket Stadium)

राजगीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम (Bihar Rajgir International Cricket Stadium)

HighLights

  1. राजगीर में 633 करोड़ की लागत से बना अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम।

  2. 40,000-45,000 दर्शकों की क्षमता, अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध।

  3. दिसंबर 2026 में पहला मैच, खेल पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा।

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार(Bihar News) के खेल प्रेमियों का बरसों पुराना सपना अब पूरा होने जा रहा है। अब राज्य के लोगों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच और बड़े खिलाड़ियों के चौके-छक्के देखने के लिए दिल्ली, मुंबई या कोलकाता जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नालंदा जिले(Nalanda News) के ऐतिहासिक शहर राजगीर में करीब 633 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (Rajgir International Cricket Stadium) स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनकर तैयार हो गया है।

स्टेडियम की प्रमुख विशेषताएं

इस भव्य स्टेडियम में एक साथ 40,000 से 45,000 दर्शक बैठकर मैच का आनंद ले सकेंगे। मैदान में अत्याधुनिक फ्लडलाइट्स, इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड, कॉर्पोरेट बॉक्स और बेहतरीन ड्रेनेज सिस्टम लगाया गया है। बारिश रुकने के कुछ ही मिनटों बाद खेल फिर से शुरू किया जा सकेगा।

मुख्य मैच के लिए महाराष्ट्र की लाल मिट्टी से विशेष पिच तैयार की गई है, जबकि प्रैक्टिस पिचों के लिए मोकामा की काली मिट्टी का इस्तेमाल हुआ है।

क्रिकेट के अलावा इस पूरे परिसर में हॉकी, एथलेटिक्स, स्विमिंग, शूटिंग, कबड्डी और कुश्ती जैसे कई खेलों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं बनाई गई हैं।

दिसंबर 2026 में हो सकता है पहला मैच

खेल विभाग ने स्टेडियम दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिसके बाद ऐसी संभावना है कि दिसंबर 2026 में ही राजगीर में पहला मैच भी खेला जाएगा।

बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह के अनुसार, राजगीर का यह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सिर्फ ईंट-सीमेंट का ढांचा नहीं है, बल्कि यह राज्य के खेलों के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है। दिसंबर से यहां गूंजने वाले चौकों-छक्कों की आवाज पूरे देश को यह संदेश देगी कि बिहार अब खेल प्रतिभाओं के साथ-साथ विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना के मामले में भी नई पहचान बना चुका है। 

बिहार में खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा

अब ईशान किशन, वैभव सूर्यवंशी, मुकेश कुमार और आकाशदीप जैसे बिहार के होनहार खिलाड़ियों को अपने ही राज्य के विश्वस्तरीय मैदान पर खेलते देखने का मौका मिलेगा।

अंतरराष्ट्रीय मैचों और आयोजनों से बिहार में खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। राज्य के युवा एथलीटों को अब बेहतर कोचिंग और सुविधाओं के लिए दूसरे राज्यों में नहीं भटकना पड़ेगा।

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