पटना, जेएनएन। छठ की छुट्‌टी में घर अाए करीब दाे हजार से अधिक रेलकर्मियों ने जो सिक सर्टिफिकेट मुख्यालय में जमा किया है, उसमें पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में सर्टिफिकेट फर्जी पाए जाने के बाद हड़कंप मच गया है। मामला पकड़ में आने के बाद पूर्व मध्य रेलवे के सभी रेल अस्पतालाें में जांच के लिए एक-एक सीनियर चिकित्सक काे तैनात किया गया है।

इस मामले को लेकर तीन स्तराें पर एक-एक बिंदुअाें की जांच की जा रही है। जांच अधिकारी छह महीने के भीतर सिक सर्टिफिकेट जमा कराने वाले रेलकर्मी अाैर सिक जारी करने वाले चिकित्सक काे चिह्नित कर रहे हैं। मुजफ्फरपुर के इमलीचट्टी राेड स्थित रेल अस्पताल समेत पूर्व मध्य रेलवे के सभी रेल अस्पतालाें में सिक सर्टिफिकेट जमा कर छुट्टी लेने वाले कर्मचारियाें की अब कुंडली खंगाली जा रही है। 

इस तरह हुआ छुट्टी लेने के लिए की गई जालसाजी का खुलासा

दीपावली व छठ के माैके पर छुट्‌टी में अाए रेलकर्मियों ने घर पर छुट्टी बिताने के बाद फर्जी सिक सर्टिफिकेट अपने मुख्यालय में जमा कर दिए। इस फर्जी सिक सर्टिफिकेट पर इन कर्मचारियाें की छुट्‌टी स्वीकृत भी कर ली गई।

इसी बीच पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में एक कर्मचारी के सिक सर्टिफेेकेट पर संदेह हुआ तो उसका वेरिफिकेशन कराया गया, जिसमें सर्टिफिकेट फर्जी पाया गया। इसके बाद रेलवे बाेर्ड में हड़कंप मच गया। बाेर्ड ने सभी जाेन काे उनके रेल अस्पतालों से जारी सिक सर्टिफिकेट की जांच कराने का निर्देश दिया है।

फर्जी पाए गए 2000 से अधिक सिक सर्टिफिकेट 

बता दें कि अबतक की जांच में 2000 से अधिक सिक सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में फर्जीवाड़ा सामने अाने के बाद पूर्व मध्य रेल समेत देश के सभी रेल अस्पतालाें में एक-एक सीनियर चिकित्सकाें काे जांच के लिए तैनात किया गया है औऱ छह माह के भीतर सिक लेने वाले सभी कर्मचारियाें का विस्तृत ब्योरा खंगाला जा रहा है। 

सिक सर्टिफिकेट पर रोक लगाई गई थी 

बताया जाता है कि पूर्व मध्य रेल के जीएम एलसी त्रिवेदी ने दीपावली-छठ के माैके पर सिक सर्टिफिकेट जारी करने पर राेक लगा दी थी। जीएम ने सभी मंडलाें के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक काे अपने-अपने अधीनस्थ रेल अस्पतालाें से छुट्‌टी में जाने अाैर अाने वाले कर्मचारियाें काे अतिरिक्त सिक सर्टिफिकेट निर्गत नहीं करने का निर्देश दिया था।

Posted By: Kajal Kumari

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