पटना, जेएनएन। कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन लगा दिया गया है। बिहार में इसका खासा प्रभाव है। देश की तमाम पैसेंजर व एक्‍सप्रेस ट्रेनों को बंद कर दिया गया है। पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही की। यह लॉकडाउन 21 दिनों के लिए लगाया गया है। इसे देखते हुए रेलवे ने अपनी टिकटों की बुकिंग बंद कर दी।  

रेलवे के अनुसार, कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए हुए लॉकडाउन के बाद रेलवे ने अब आरक्षित अथवा अनारक्षित टिकटों की बुकिंग 14 अप्रैल की रात 12 बजे तक बंद कर दी है। यह आदेश न केवल काउंटर टिकटों के लिए होगा, बल्कि आइआरसीटीसी की वेबसाइट से हुई टिकटों की बुकिंग पर भी लागू होगा। इसके लिए क्रिस और आइआरसीटीसी, दोनों ने अपने सॉफ्टवेयर में टिकटों की बुकिंग पर पाबंदी लगा दी है। 

पूर्व-मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि आरक्षित व अनारक्षित टिकटों की बुकिंग के लिए रेलवे स्टेशनों के काउंटर बंद कर दिए गए हैं। अब कोई भी यात्री 14 अप्रैल के बाद की तिथि का टिकट ही बुक करा सकेगा। स्टेशन परिसर में प्रवेश भी प्रतिबंधित है। प्रवेश करने पर गिरफ्तारी की जा सकती है। 

गौरतलब है कि बिहार में लॉकडाउन जनता कर्फ्यू के दिन ही लगा दिया था। इसके बाद से जरूरत के सामानों को छोड़कर बाकी की दुकानें बंद हैं। खाद्य सामग्रियों-सब्जियों के अलावा दूध, फल व दवा की दुकानें ही खुली हुई हैं। सड़कें बिल्‍कुल सूनी नजर आती हैं। मटरगश्‍ती करने वालों पर पुलिस की पैनी नजर है। पूरे सूबे की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। लोगों से लगातार अपील की जा रही है कि घर से बाहर नहीं निकलें। घर के दरवाजे को लक्षमण रेखा मानें और लक्षमण रेखा को न लाघें। तभी आप कोरोना को हरा पाएंगे। उससे जीत पाएंगे।   

Posted By: Rajesh Thakur

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