पटना, जागरण टीम। Raghuvansh Prasad Singh Funeral: पूर्व केंद्रीय मंत्री व कद्दावर राजनेता रघुवंश प्रसाद सिंह (Raghuvansh Prasad Singh) का अंतिम संस्‍कार सोमवार को वैशाली जिले के महनार हसनपुर घाट पर राजकीय सम्‍मान के साथ किया गया। रघुवंश बाबू के छोटे पुत्र शशि शेखर ने उन्हें नम आंखों से मुखाग्नि दी। अंतिम संस्‍कार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव, बिहार सरकार के मंत्रियों के साथ बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। 

 

दिल्ली से रविवार की शाम पटना लाया गया शव

रघुवंश प्रसाद सिंह की निधन रविवार को दिल्‍ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान (Delhi AIIMS) में हो गया था। उनका पार्थिव शरीर रविवार की शाम में पटना लाया गया, जहां मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार व उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी सहित कई लोगों ने श्रद्धांजलि दी। विदित हो कि रघुवंश प्रसाद सिंह राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) के बड़े नेता रहे, लेकिन मौत से केवल तीन दिन पहले ही पार्टी से इस्‍तीफा दे दिया था।

वैशाली में अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ी भीड़

रघुवंश प्रसाद सिंह का पार्थिव शरीर पटना से वैशाली के हाजीपुर पहुंचते ही उंनके दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हाजीपुर के अंजानपीर चौक पर लोगों ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। कुछ देर बाद अंतिम यात्रा वैशाली के लालगंज पहुंची। लालगंज में विधायक राजकुमार साह, पूर्व विधायक विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला सहित बड़ी संख्या में लोगों ने उन्‍हें श्रद्धांजलि दी। सड़क के दोनों किनारे काफी संख्या में लोग खड़े थे।

वैशाली में सहकारिता मंत्री राणा रणधीर सिंह, लालगंज के पूर्व विधायक  केदार प्रसाद, ड. वसंत कुमार, वैशाली प्रखंड प्रमुख हेमंत कुमार सिंह, पूर्व मंत्री अजित कुमार, पूर्व विधायक राजू सिंह, अवधेश सिंह, बीजेपी की ललिता देवी कुशवाहा, हरेन्द्र राय सहित बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने श्रद्धांजलि दी। वैशाली जिले के बेलसर बाजार, फतहपुर और साइन गांव से होकर गुजरता काफिला शाहपुर पहुंचा। इसके बाद पार्थिव शरीर महनार के हसनपुर तीनमुहानी गंगा घाट ले जाया जाएगा। वहां उनका अंतिम संस्कार होगा।

विधानसभा परिसर में दी श्रद्धां‍जलि

इसके पहले रघुवंश प्रसाद सिंह का पार्थिव शरीर रविवार की शाम में पटना लाया गया, जिसे विधानसभा परिसर ले जाया गया। वहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, स्पीकर विजय कुमार चौधर, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव तथा राबड़ी देवी सहित कई लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उसके बाद आम लोगों के दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को कौटिल्या नगर स्थित आवास में रखा गया।

पार्थिव शरीर नहीं ले जाया गया आरजेडी कार्यालय

रघुवंश प्रसाद सिंह का पार्थिव शरीर आरजेडी कार्यालय नहीं ले जाया गया। महज तीन दिन पहले ही 10 सितंबर को उन्होंने पत्र के जरिए आरजेडी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी थी। हालांकि, उनके इस्तीफे को पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने खारिज कर दिया था और कहा था कि आप कहीं नहीं जा रहे हैं।

वैशाली के पैतृक घर पर अंतिम दर्शन को उमड़ी भीड़

रघुवंश प्रसाद सिंह के पार्थिव शरीर को सोमवार को पैतृक गांव वैशाली के शाहपुर लाया गया। इसके पहले वैशाली में पार्थिव शरीर को अंजानपीर चौक होते हुए लालगंज और वैशाली गढ़ पर ले जाया गया। वैशाली से पटेढ़ी बेलसर, गोरौल, भगवानपुर के इमादपुर, महुआ मंगरू चौक, गुरु चौक, सलहा, चमरहारा के बाद पैतृक गांव शाहपुर में अंतिम दर्शन को पहुंचा। उनके दर्शन के लिए वहां लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसके बाद गंगा किनारे पानापुर घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

रविवार को दिल्‍ली एम्‍स में हुआ था निधन

विदित हो कि रघुवंश प्रसाद सिंह का 74 वर्ष की उम्र में रविवार को दिल्ली के एम्स के आइसीयू में निधन हो गया। दो दिन पहले ही उनकी हालत बिगड़ गई थी। सांस लेने में परेशानी के बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। इसके पहले जून में कोरोना पॉजिटिव होने पर उन्हें पटना एम्स में भर्ती कराया गया था, जिससे वे उबर गए थे, किंतु निमोनिया की शिकायत बरकरार रहने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली एम्स ले जाया गया था, जहां उन्होंने आखिरी सांस ली। उनके साथ बिहार की राजनीति के एक समाजवादी स्तंभ का अंत हो गया है।

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