पटना [राज्य ब्यूरो]। राजद प्रमुख लालू प्रसाद के आवास की सुरक्षा में कटौती पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दूसरा पत्र लिखकर विस्तृत ब्योरा एवं कटौती पर जवाब मांगा है। राबड़ी ने कहा है कि बिना समीक्षा के सुरक्षा बलों को हटाना मेरे परिवार के प्रति खतरनाक मंसूबे का सूचक है। राबड़ी के पहले पत्र का संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार ने उनकी सुरक्षा फिर से बहाल कर दी है। हालांकि, लालू परिवार ने सुरक्षा को अभी तक स्वीकार नहीं किया है।

राबड़ी ने दूसरे पत्र में नौ बिंदुओं पर जवाब मांगा है और कहा है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री का फोन नहीं उठाते हैं। विपरीत हालात में किससे संपर्क किया जाए। कट्टरपंथ बढऩे से उनके परिवार पर खतरा कई गुणा बढ़ गया है। राबड़ी ने आरोप लगाया है कि केंद्र के आदेश के बावजूद उनकी सुरक्षा में तैनात केंद्रीय बल को संसाधन नहीं दिए जाने के कारण उन्हें जेड प्लस सुरक्षा अब तक नहीं मिली है।

राबड़ी ने पूछा कि आवास में तैनात सुरक्षा कर्मियों को क्यों और किसके कहने पर हटाया गया? 2005 से लालू प्रसाद और मेरे नाम कितने सुरक्षा बल, इस्कॉर्ट, पायलट, अंगरक्षक एवं सुरक्षाकर्मियों के लिए वाहन उपलब्ध कराए गए। तेजस्वी यादव द्वारा कई बार पत्राचार के बावजूद उनकी सुरक्षा श्रेणी का निर्धारण क्यों नहीं हुआ। तेज प्रताप यादव को भी खतरा रहता है। उनकी सुरक्षा श्रेणी का निर्धारण कब तक होगा? क्या मुख्यमंत्री को पूरे प्रकरण की जानकारी थी अथवा उन्हें अंधेरे में रखकर कार्रवाई की गई।

Posted By: Ravi Ranjan