पटना। कोरोना महामारी के चलते घर बैठे पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह राहत देने वाली खबर है। जितना कोर्स पढ़ाया गया है, उसी से परीक्षा में सवाल पूछे जाएंगे। इसके लिए बिहार के विश्वविद्यालयों में जुलाई में परीक्षा की तैयारियां शुरू हो गई हैं ताकि अगस्त से नया सत्र शुरू हो सके। यूजीसी ने भी जुलाई में परीक्षाएं कराने के सुझाव दिए हैं। कोरोना महामारी के चलते इस बार विश्वविद्यालयों का भी कड़ा इम्तहान होना है क्योंकि कोर्स पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में राजभवन के निर्देश के आलोक में कुलपतियों ने परीक्षा नियंत्रकों से कहा है कि कोर्स में जितनी पढ़ाई हुई है, उतने से ही सवाल पूछे जाएं।

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने भी यूजीसी के सुझाव के आलोक में जून में ही परीक्षा कराने का प्लान करने का निर्देश दिया है। कई कुलपतियों ने बताया कि विश्वविद्यालयों में जुलाई में परीक्षाएं कराने को लेकर तैयारी करायी जा रही है। चूंकि यूजीसी ने परीक्षा को लेकर विश्वविद्यालयों को खुद फैसला लेने को कहा है तो अब कोरोना संक्रमण की स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए अपने स्तर पर परीक्षाएं कराने का प्लान तैयार करा रहे हैं।

सरकार के निर्देश का होगा पालन

राजभवन कार्यालय के एक उच्च पदस्थ अधिकारी के मुताबिक प्रदेश के तमाम विश्वविद्यालयों ने यूजीसी गाइडलाइन को फॉलो करते हुए परीक्षा कराने को लेकर सरकार और स्थानीय प्रशासन के सुझाव पर भी अमल करने को कहा गया है। परीक्षा में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होगा। सभी छात्रों की एक साथ परीक्षाएं नहीं होंगी। इन्हें अलग-अलग शिफ्टों में कराया जाएगा, ताकि भीड़ न हो सके। एक शिफ्ट में बीए, बीएससी, बीकाम जैसे किसी एक कोर्स से जुड़े छात्रों की ही परीक्षा होगी। बैठक व्यवस्था में एक सीट से दूसरे सीट की दूरी दो गज से ज्यादा रखी जाएगी। इसे लेकर सभी कुलपति गंभीरता से विचार कर रहे हैं। वहीं परीक्षा केंद्रों पर सैनिटाइजर की व्यवस्था रहेगी। परीक्षार्थियों के लिए मॉस्क लगाना अनिवार्य होगा।

-राजभवन के निर्देश पर परीक्षा की तैयारियों में जुटे कुलपति

-शिफ्ट में करायी जाएगी परीक्षा, सोशल डिस्टेंसिंग का होगा पालन

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस