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पुनपुन के दबाव से धंसा SH-78: एक लेन बंद, मोकामा से बिहटा तक फैला बाढ़ का पानी

Published: Sun, 06 Sep 2026 11:09 PM (IST)

पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ने से पटना में तबाही मची है, बिहटा-सरमेरा एसएच-78 का एक हिस्सा धंस गया है।

बिहटा-सरमेरा एसएच-78 धंसा। (जागरण)

बिहटा-सरमेरा एसएच-78 धंसा। (जागरण)

HighLights

  1. पुनपुन नदी के दबाव से बिहटा-सरमेरा सड़क धंसी।

  2. श्रीपालपुर में पुनपुन खतरे के निशान से 2.85 मीटर ऊपर।

  3. गंगा का जलस्तर घटा पर निचले इलाकों में बढ़ा।

जागरण संवाददाता, पटना। गंगा का जलस्तर रविवार को बाढ़ के उच्चतम से थोड़ा नीचे आया तो पुनपुन ने तबाही का मोर्चा खोल दिया।

बाढ़ के दबाव में रविवार दोपहर बिहटा-सरमेरा एसएच-78 अकौना पंचायत के नीमा गांव के पास करीब चार फीट चौड़ाई में छह फीट अंदर तक धंस गया। सड़क धंसते ही एक लेन पर आवागमन रोकना पड़ा।

एनएचएआई की टीम ने तुरंत जेसीबी से खोदाई कर मरम्मत शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सड़क के नीचे डाला गया ह्यूम पाइप फटने व लगातार पानी के रिसाव से सड़क की मिट्टी खिसकने की बात सामने आई है।

उधर, पुनपुन के श्रीपालपुर में जलस्तर 53.45 मीटर पहुंच गया है। यह खतरे के निशान 50.60 मीटर से 2.85 मीटर ऊपर और उच्चतम बाढ़ स्तर 53.91 मीटर से 46 सेंटीमीटर नीचे है।

पुनपुन नए रिकॉर्ड के बेहद करीब है और इसका जलस्तर बढ़ते हुए पानी गांवों, खेतों व सड़कों तक फैल चुका है। इसके विपरीत गंगा जिसने शनिवार को उच्चतम बाढ़ जलस्तर का नया रिकॉर्ड बनाया था, रविवार सुबह 10 बजे उसमें गिरावट शुरू हो गई है।

यह राहत बाढ़ के संकट को खत्म करने वाली नहीं है। सुबह छह बजे से शाम पांच बजे तक मनेर में 53.76 से 53.60 मीटर, दीघा में 51.99 से 51.91 मीटर और गांधी घाट में 50.57 से 50.51 मीटर पानी घटा।

शाम पांच बजे मनेर खतरे के निशान से 1.60 मीटर व दीघा 1.46 मीटर ऊपर था। गांधी घाट पर जलस्तर 50.51 मीटर रहा जो 2016 के उच्चतम बाढ़ स्तर 50.52 मीटर से सिर्फ एक सेंटीमीटर नीचे है। हालांकि, हाथीदह से भागलपुर तक गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है।

वर्षा पर निर्भर करेगा गंगा का जलस्तर

गंगा सोन बाढ़ प्रमंडल के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर शिशिर कुमार ने बताया कि गंगा का पानी तेज से घट रहा है। प्रयागराज, वाराणसी, बक्सर, मनेर में चार से सात सेंटीमीटर तक की कमी दर्ज की गई है।

अब यदि गंगा-यमुना व सोन नद की पेटी में वर्षा नहीं हुई तो जलस्तर में कमी का क्रम जारी रहेगा। यदि गंडक बैराज से ज्यादा पानी छोड़ा गया तो गांधी घाट के पास जलदबाव फिर बढ़ सकता है।

रविवार के 11 घंटे के आंकड़े के अनुसार मनेर में सुबह छह बजे 53.76 मीटर से घटकर शाम पांच बजे 53.60, दीघा में 51.99 से 51.91 और गांधी घाट में 50.57 से 50.51 मीटर हुआ।

वहीं, मंगेर में 39.82 से बढ़कर 39.93 मीटर पानी पहुंच गया। हाथीदह में भी 43.49 से बढ़कर 43.52 मीटर दर्ज हुआ। पटना के आसपास गंगा का दबाव कुछ कम हुआ है लेकिन निचले हिस्सों में नदी अभी स्थिर या बढ़ते दबाव में है।

मरम्मत में लगेगा तीन दिन से अधिक समय 

पुनपुन के पानी के दबाव का दुष्प्रभाव बेलदारीचक से डुमरी तक दिख रहा है। सड़क के दोनों ओर जलभराव के बीच शनिवार से सड़क के नीचे से पानी निकल रहा था।

रविवार दोपहर करीब 12 बजे नीमा के पास अचानक सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया। एनएचएआइ की टीम पहुंची मरम्मत कार्य शुरू कराया। इसमें तीन दिन या उससे अधिक समय लग सकता है। फिलहाल दूसरे लेन से धीमी गति से वाहन निकाले जा रहे हैं।

पालीगंज में सड़क कटी, गांव का संपर्क टूटा 

पुनपुन के बढ़ते पानी ने पालीगंज के रूपापुर गांव में भी परेशानी बढ़ा दी है। तेज बहाव में गांव को जोड़ने वाली सड़क कट गई, जिससे आवागमन बाधित हो गया। स्थिति को देखते हुए एसडीएम चंदन कुमार के निर्देश पर राहत और बचाव की व्यवस्था तेज की गई है।

मोकामा से बिहटा तक पानी का फैलाव

मोकामा में एनएच-80 पर पानी चढ़ने से आवागमन प्रभावित है। महेंद्रपुर के पास रात में सड़क पर पानी आने से परेशानी बढ़ी। शिवनार, बरहपुर, महेंद्रपुर और मोर पूर्वी के कई हिस्से जलमग्न हैं।

मनेर में दियारा को नगर क्षेत्र से जोड़ने वाले रामघाट पुल पर भी पानी चढ़ गया है। बिहटा में सोन का पानी ठेकहा, डुमरिया, मुस्तफापुर, अमनाबाद, हलखोरियाचक और पथलौटिया तक फैल गया है। कई घरों में पानी घुसा है और रास्ते डूब गए हैं। खेतों में पानी भरने से धान की फसल को नुकसान पहुंचा है।

जलस्तर स्थिति

स्थल जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
श्रीपालपुर पुनपुन 53.45 मीटर 2.85 मीटर
मनेर 53.60 मीटर 1.60 मीटर
दीघा घाट 51.91 मीटर 1.46 मीटर

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