पुनौराधाम में भव्य मंदिर के साथ विकसित होंगे नए धार्मिक और पर्यटन केंद्र, सीतापुरम भी योजना में
पुनौराधाम में बन रहे भव्य माता जानकी मंदिर से सीतामढ़ी के आसपास के अन्य सीता से जुड़े धार्मिक स्थलों को जोड़ा जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को व्यापक आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा।

पुनौराधाम में बन रहा भव्य माता जानकी मंदिर। फाइल
HighLights
भव्य माता जानकी मंदिर से अन्य धार्मिक स्थल जुड़ेंगे।
दिसंबर 2028 तक मंदिर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य।
यह परियोजना सीतामढ़ी में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी।
राज्य ब्यूरो, पटना। पुनौराधाम में बन रहे भव्य माता जानकी मंदिर से सीतामढ़ी के आसपास मौजूद मां सीता से जुड़े अन्य धार्मिक स्थलों को भी जोड़ा जाएगा ताकि श्रद्धालु व्यापक आध्यात्मिक अनुभव कर सकें।
इसके साथ प्रस्तावित सीतापुरम और सैटेलाइट टाउनशिप जैसे विकास घटकों को भी समग्र योजना में शामिल करने का प्रस्ताव है।
पर्यटन विभाग के अनुसार, माता जानकी की जन्मभूमि पुनौराधाम में भव्य मंदिर के निर्माण काम मूर्तरूप लेने लगा है। मंदिर परिसर के भवनों के नींव और पिलर का निर्माण शुरू हो गया है।
मिट्टी परीक्षण और सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना क्षेत्र से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं के साथ पर्यावरणीय स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है।
31 दिसंबर 2028 तक मंदिर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
मंदिर की चारदीवारी का काम भी जारी है। निर्माण कार्य की सुविधा के लिए पहुंच पथ के रूप में मिट्टी सड़क का निर्माण भी कराया जा रहा है। भव्य मंदिर को 31 दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मंदिर के निर्माण के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था और नियमित पूजा-अर्चना में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए अस्थायी काष्ठ मंडप में भगवान श्रीराम एवं माता सीता की प्रतिमाओं की स्थापना की गई है। इससे श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन की सुविधा के साथ निर्माण कार्य जारी है।
मंदिर के साथ पूरा परिसर होगा विकसित
पुनौराधाम का विकास केवल भव्य मंदिर के निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा। प्रस्तावित योजना में मंदिर के साथ परकोटा, यज्ञ मंडप, अनुष्ठान मंडप, पीठाधीश्वर निवास, म्यूजियम, ऑडिटोरियम और महिला हाट जैसी संरचनाओं का विकास शामिल है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तीर्थयात्रा सुविधा केंद्र, प्रेक्षागृह, वीआइपी एवं संत निवास भी बनाया जाएगा।
पुनौराधाम में मां जानकी की जन्मभूमि पर बन रहे भव्य मंदिर निर्माण से सीतामढ़ी में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। इस परियोजना से मिथिला की कला-संस्कृति और स्थानीय शिल्प को बढ़ावा देने के साथ रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के अवसर भी बढ़ेंगे।
केदार प्रसाद गुप्ता, पर्यटन मंत्री
