अनिल ओझा, डुमरांव (बक्सर) : मार्च के बाद यह पहला मौका है जब जुलाई के प्रथम सप्ताह में दाल का मूल्य नियंत्रण में आया है। इससे उम्मीद व्यक्त की जा रही है कि भविष्य में भी दाल के मूल्य में संतुलन बरकरार रहेगा। पिछले चार महीने तक दाल के लगातार असंतुलित मूल्य ने गरीबों को निराश करके रखा। बाजार और सरकार की भी खूब फजीहत हुई। सरसों तेल के बाद दाल ही वह खाद्य पदार्थ थी जो नियमित रूप से मूल्य के मामले में उतार-चढ़ाव पर रही। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब मूल्य वृद्धि के चलते दाल का स्वाद गरीब तबकों को कड़वा लगा है। इससे पहले भी मूल्य वृद्धि के चलते गरीबों के थाली से यह दूर होते जी रही है। मार्च के महीना से इसका तेवर लगातार कड़ा रहा।

अरहर के साथ कदमताल करती रही चना दाल

अरहर दाल के साथ चना दाल शुरू से ही कदमताल करती रही। स्थानीय गोला बाजार में चना दाल खुदरा मंडी में जब 55 रुपये प्रति किलो थी तब अरहर दाल का मूल्य 95 रुपया प्रति किलो था। वर्तमान में चना दाल 65 रुपये प्रति किलो है। अरहर दाल की कीमत 95 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रही है। जब-जब अरहर दाल के मूल्य में उतार चढ़ाव आया है, तब-तब चना दाल के भाव में भी प्रभाव आया है।

थोक बाजार में आई है दाल के मूल्य में गिरावट

दाल के अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूल्य में आई कमी ने आम लोगों को राहत प्रदान की है। मध्य प्रदेश के कटनी के अलावे महाराष्ट्र के नागपुर छत्तीसगढ़ के भाठापाढ़ा तथा उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से दाल का कारोबार होता है। नया भोजपुर पूरे शाहाबाद क्षेत्र का सबसे बड़ा दाल कारोबार का स्थान है। जहां से प्रतिदिन 10 ट्रक से अधिक की मात्रा में दाल का कारोबार होता है।

थोक मूल्य - खुदरा मूल्य

चना दाल - 52 - 55

अरहर दाल 88 - 95 ( जनवरी )

चना दाल 55 - 60

अरहर दाल 88 - 95 ( फरवरी )

चना दाल 62 - 70

अरहर दाल 95 - 105 ( मार्च )

चना दाल 70 - 75

अरहर दाल 100 - 110 ( अप्रैल )

चना दाल 70 - 75

अरहर दाल 100 - 110 ( मई )

चना दाल 68 - 75

अरहर दाल 100 - 108 ( जून )

चना दाल 60 - 65

अरहर दाल 92 - 100 (जुलाई का प्रथम सप्ताह) 

Edited By: Akshay Pandey