राज्य ब्यूरो, पटना: बालू के अवैध खनन मामले में निलंबित किए गए पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की निलंबन अवधि बढ़ाई जा सकती है। इसमें दो आइपीएस, चार एसडीपीओ, सात खनन पदाधिकारी, तीन सीओ व एक-एक एसडीओ व एमवीआइ शामिल थे। आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच जारी रहने और विभागीय कार्यवाही के कारण तीन से छह माह तक इनकी निलंबन अवधि बढ़ाए जाने का अनुमान है।

आर्थिक अपराध इकाई की रिपोर्ट पर हुई थी कार्रवाई

आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की रिपोर्ट के आधार पर जुलाई माह में बालू के खेल में 41 पदाधिकारियों व पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई थी। इसमें डेढ़ दर्जन से अधिक वरीय अफसर थे। इसके अलावा बड़ी संख्या में इंस्पेक्टर व दारोगा पर भी कार्रवाई हुई थी। इनमें से एक दर्जन अफसरों के ठिकानों पर अभी तक ईओयू की टीम आय से अधिक संपत्ति मामले में छापेमारी कर चुकी है। सभी अफसरों के विरुद्ध अभी ईओयू की जांच जारी है, ऐसे में अभी अफसरों को राहत मिलने की संभावना नहीं है। 
22 जनवरी को पूरी हो रही निलंबन अवधि 
भोजपुर के निलंबित एसपी राकेश दुबे और औरंगाबाद के निलंबित एसपी सुधीर कुमार पोरिका की निलंबन अवधि इसी माह 22 जनवरी को पूरी हो रही है। इसके पहले भी एक बार दोनों अफसरों की निलंबन अवधि बढ़ाई जा चुकी है। दोनों निलंबित एसपी में राकेश दुबे के ठिकानों पर छापेमारी हो चुकी है, जबकि सुधीर कुमार पोरिका के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच जारी है। 
इन निलंबित अफसरों के ठिकानों पर पड़ा छापा 
सुनील कुमार सिंह, निलंबित सीओ, मो. तनवीर अहमद, निलंबित एसडीपीओ, पंकज कुमार रावत, निलंबित एसडीपीओ, विनोद कुमार, निलंबित एमवीआइ, राकेश कुमार दुबे, निलंबित एसपी, संजय कुमार, सहायक निदेशक, खान एवं भूतत्व विभाग, संजय प्रसाद, निलंबित थानाध्यक्ष, अनुज कुमार, निलंबित सीओ, अनिल कुमार सिन्हा, अपर समाहर्ता, अनूप कुमार, निलंबित एसडीपीओ, मृत्युंजय कुमार सिंह, निलंबित एमवीआइ, वकील प्रसाद सिंह, निलंबित सीओ।

Edited By: Akshay Pandey