जासं, फुलवारीशरीफ (पटना) : एक निजी फाइनेंस कंपनी बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के सैकड़ों ग्राहकों का 25 करोड़ रुपये लेकर बिहार से फरार हो गई। विभिन्न राज्यों से पहुंचे लोगों ने गर्दनीबाग थाने में कंपनी के चार अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पीड़ितों ने एसएसपी से मिल कर मदद की गुहार भी लगाई। एसएसपी ने सभी को न्याय का भरोसा दिया है। इसी कड़ी में पुलिस ने कंपनी के कार्यालय को सील कर दिया और वहां से लैपटाप आदि जब्त किया है। 

गाजियाबाद निवासी राहुल सिंह ने बताया कि माई तारा माइक्रो क्रेडिट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में मैं रीजनल सेल्स मैनेजर पर नियुक्त किया था। कंपनी ने अपना मुख्य कार्यालय नोएडा बताया था, लेकिन कंपनी का कार्यालय अनीसाबाद गोलंबर के समीप था। कंपनी मनी ट्रांसफर करती थी। कंपनी एक मोबाइल ऐप इंस्टाल कराती थी, जिसके माध्यम से लोग अपने खाते से लेने-देन करते थे। इस ऐप से खरीदारी भी होती थी। कंपनी ने 19 मई 2022 से पेमेंट और अन्य सर्विस बंद कर दी थी। ग्राहक और कंपनी के लोगों ने निदेशक से संपर्क किया, तब कहा गया कि तकनीकी खराबी के कारण पेमेंट नहीं हो पा रहा है। दो दिनों बाद समस्या दूर होने की बात कही गई। एक सप्ताह बाद भी समस्या दूर नहीं होने पर जब कंपनी के वरीय अधिकारियों से संपर्क किया गया तो सभी के नंबर बंद मिले। इसके बाद ग्राहक और कुछ कंपनी के पदाधिकारी अनीसाबाद स्थित कंपनी के कार्यालय पहुंचे तो यहां भी कार्यालय बंद मिला।

इनके खिलाफ दर्ज कराया गया मामला

कंपनी के पदाधिकारी रहे राहुल सिंह (गाजियाबाद), जसवीर सिंह (लुधियाना), रमेश कुमार (दिल्ली), राशिद अली (नोएडा), निर्मल जीत सिंह (दिल्ली) ने गर्दनीबाग थाना में कंपनी के निदेशक बलरामपुर भटवन, हसनपुरा (समस्तीपुर-बिहार) निवासी जितेंद्र कुमार, धर्मेंद्र कुमार व जसोली, कल्याणपुर (समस्तीपुर) निवासी सुजाता कुमारी एवं बंसजारा, धनबाद निवासी निकहत जहां के खिलाफ मामला दर्ज कराया। गर्दनीबाग थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि अभी पांच करोड़ के गबन का मामला माई तारा कंपनी के खिलाफ दर्ज कराया गया है। अन्य लोग भी कंपनी के बारे में शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि कंपनी लोगों का 25 से 30 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गई है। पुलिस ने कार्यालय को सील कर दिया है। छानबीन की जा रही है।

Edited By: Akshay Pandey