पटना [जेएनएन]। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेजी का सिलसिला जारी है। बिहार में भी कीमतें ऑल टाइम हाई चल रही हैं। पटना की बात करें तो मंगलवार को पेट्रोल 87.06 रुपये और डीजल 78.61 रुपये लीटर बिके। यह अब तक उच्चतम स्तर है। वर्तमान मूल्‍य की बात करें तो वैट व सरचार्ज के कारण डीजल व पेट्रोल करीब 13 से 20 रुपये तक अधिक मूल्‍य पर बिक रहे हैं। बिहार सरकार पेट्रोल-डीजल पर से केवल सरचार्ज भी हटा ले तो ग्राहकों को थोड़ी राहत मिल सकती है।

पेट्रोल-डीजल का अर्थचक्र

बिहार में पेट्रोल-डीजल की महंगाई का बड़ा कारण कर व सरचार्ज का भार है। यहां पेट्रोल पर 26 फीसद वैट और 20 फीसद सरचार्ज लगता है। डीजल पर 19 फीसद वैट और 10 फीसद सरचार्ज है।

जानिए, सरचार्ज का गणित

मान लें कि पेट्रोल सेलिंग प्राइस 87.63 रुपये लीटर है। इसमें 26 फीसद वैट भी शामिल है। फिर वैट पर सरचार्ज लगता है। अगर बिहार सरकार पेट्रोल पर से सिर्फ सरचार्ज हटा ले तो ग्राहकों को प्रति लीटर लगभग 3.48 रुपये की राहत मिल सकती है। इसी तरह से मान लें कि डीजल का रेट 79.12 रुपये लीटर है तो इसमें 19 फीसद वैट है। वैट पर 10 फीसद सरचार्ज लगेगा जो करीब 1.20 रुपये होगा। अगर राज्‍य सरकार डीजल पर सरचार्ज हटाती है तो ग्राहकों को प्रति लीटर 1.20 रुपये की राहत मिलेगी।

महंगे पेट्रोल-डीजल का दूर तक असर

पटना पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजेंद्र कुमार सिंहा ने कहा कि वैसे टैंकर जो सालाना कांट्रैक्ट पर चलते हैं, परेशानी में हैं। वे रेट भी नहीं बढ़ा सकते। अन्य वाहनों का भी मुनाफा घटता जा रहा है। वैसे किसान जो डीजल से खेतों का पटवन करते हैं उनकी लागत बढ़ेगी। बिहार में प्रवेश से पहले ही उत्तर प्रदेश, झारखंड में लोग अपने वाहनों में तेल डलवा लेंगे क्योंकि इन दोनों राज्यों में वैट की दर कम है। ऐसा होने पर राज्य सरकार को कम राजस्व मिलेगा। बड़ी बात यह कि पेट्रोल-डीजल के महंगा होने से महंगाई को बल मिलेगा। 

Posted By: Amit Alok