पटना, राज्य ब्यूरो। Bihar Politics: बिहार विधानसभा भवन के शताब्दी समारोह को भव्य एवं ऐतिहासिक बनाने की तैयारी है। इसमें राष्ट्रपति रामनाद कोविंद भी शामिल होंगे। उन्होंने अक्टूबर में आने की सहमति दे दी है। राज्य में तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है। इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा एवं विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने गुरुवार को विधानसभा के कक्ष में मंत्रियों के साथ बैठक की थी, जिसमें विधानसभा उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी, उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी एवं भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने शिरकत किया था। सभी नेताओं ने समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए कई सुझाव दिए थे।

नई पीढ़ी को लोकतंत्र की विरासत से परिचित कराने पर जोर

स्पीकर विजय सिन्हा ने कहा कि विधानसभा भवन लोकतंत्र के कई ऐतिहासिक पलों का गवाह है। सौ वर्ष पूरे होने पर प्रस्तावित कार्यक्रम को यादगार बनाने की जरूरत है, ताकि लोकतांत्रिक विरासत से नई पीढ़ी परिचित हो सके। शताब्दी समारोह की शुरुआत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की है। आगे के कार्यक्रम के लिए राष्ट्रपति से अक्टूबर में पटना आने का अनुरोध किया गया था, जिसपर उन्होंने मौखिक सहमति दे दी है। कार्यक्रम जल्द आने की उम्मीद है। बैठक में विधानसभा के प्रभारी सचिव अनिल जायसवाल तथा परिषद के कार्यकारी सचिव बिनोद कुमार उपस्थित थे।

बिहार के राज्‍यपाल के बाद ही राष्‍ट्रपति बने थे कोविंद

राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद का बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार सहित तमाम नेताओं और यहां के लोगों से काफी मधुर संबंध है। वे बिहार का राज्‍यपाल रह चुके हैं। बिहार में बतौर राज्‍यपाल कार्यरत रहने के दौरान ही वे राष्‍ट्रपति पद के लिए उम्‍मीदवार बने और चुने गए। इसके चलते बिहार के नेता उन पर अपना खास अधिकार और संबंध मानते रहे हैं। यही वजह है कि राज्‍य में जब कभी भी राष्‍ट्रपति को आमंत्रण मिलता है, वे यहां आने से परहेज नहीं करते हैं।