पटना, राज्य ब्यूरो। Land Record Management Process: बिहार और मध्य प्रदेश के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारी एक दूसरे से भूमि प्रबंधन के बारे में जानकारी लेंगे। अनुभव के आधार पर अपने राज्यों में उसका उपयोग करेंगे। दोनों राज्यों के विभागीय अधिकारियों की कार्यशाला का आयोजन 18-19 अक्टूबर को पटना में हो रहा है। बिहार मेजबानी कर रहा है। बिहार की तरह मध्य प्रदेश ने भी में भी जमीन से जुड़े दस्तावेजों का डिजिटाइजेशन शुरू हुआ था। वह पूरा हो गया है। लगान, म्यूटेशन, भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र सहित अन्य सुविधाएं आनलाइन हो रही हैं।

भूमि सर्वेक्षण में बिहार से आगे है मध्‍य प्रदेश

बिहार में अभी विशेष भूमि सर्वेक्षण हो रहा है। मध्य प्रदेश में यह हो चुका है। सभी राजस्व गांवों का डाटा कम्प्यूटर में दर्ज है। भूमि सुधार के मामले में देश भर में मध्य प्रदेश का माडल सबसे सफल माना जा रहा है। निदेशक भू अभिलेख जय सिंह ने बुधवार को बताया कि कार्यशाला में दोनों राज्यों के अधिकारियों के अलावा सर्वे आफ इंडिया, एनसीएआइआर (नेशनल काउंसिल आफ एप्लाइडइ इकानामिक रिसर्च) और आइआइटी रुडकी के विशेषज्ञ भाग लेंगे।

पटना के गांवों का भ्रमण भी करेंगे अधिकारी

भूमि सुधार विभाग मध्य प्रदेश के अपर मुख्य सचिव प्रवीण कुमार एवं बिहार के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह भी कार्यशाला में हिस्सा लेंगे। बाहर से आए अधिकारियों के लिए पटना और आसपास के इलाके के भ्रमण का भी कार्यक्रम है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत कुमार 18 अक्टूबर को कार्यशाला का औपचारिक उदघाटन करेंगे।

बिहार में भूमि विवाद रहे हैं बड़ी चुनौती

बिहार का भूमि विवाद से गहरा नाता है। कम क्षेत्रफल और अधिक आबादी भी इसकी वजह है। भूमि रिकार्ड में तकनीकी खामियों के कारण लोग मुकदमेबाजी में फंसते हैं और हिंसा भी खूब होती है। सरकार इस समस्‍या के निराकरण के लिए कई स्‍तर पर प्रयास कर रही है।