Prashant Kishor: 'मैं राजनीति छोड़ दूंगा, लेकिन...'; प्रशांत किशोर ने ये क्या कह दिया
प्रशांत किशोर ने जसुपा की हार के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन व्यवस्था बदलने के संकल्प के साथ डटे रहने की बात कही। उन्होंने एनडीए पर वोट खरीदने ...और पढ़ें

पटना में प्रेस वार्ता करते जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर। ANI
राज्य ब्यूरो, पटना। एनडीए पर नकदी हस्तांतरण के सहारे विधानसभा चुनाव जीतने का आरोप लगाते हुए प्रशांत किशोर ने अपनी जन सुराज पार्टी (जसुपा) की करारी हार के लिए स्वयं को उत्तरदायी बताया है। हालांकि, व्यवस्था में बदलाव का संकल्प पूरा होने तक वे बिहार में डटे रहेंगे।
चुनाव परिणाम के बाद मंगलवार को पहली बार प्रेस-वार्ता करते हुए पीके ने कहा कि इस हार के प्रायश्चित स्वरूप वे 20 नवंबर को उसी भितिहरवा आश्रम में उपवास करेंगे, जहां से पदयात्रा की शुरुआत की थी।
पीके ने कहा कि प्रति विधानसभा क्षेत्र 60 से 62 हजार महिलाओं को 10-10 हजार रुपये दिए गए। लगभग 40,000 करोड़ रुपये की योजनाएं चुनाव के दौरान जनता तक पहुंचाई गईं। लगभग 29,000 करोड़ बांटे गए। जीविका दीदियां हों, आशा-आंगनबाड़ी से जुड़ी महिलाएं या अप्रवासी श्रमिक, सबको नकदी हस्तांतरण का लाभ मिला। यह सरकारी योजना कम और वोट खरीदने का तरीका अधिक है।
उन्होंन कहा कि हमारी ओर से कुछ कमियां अवश्य रही हैं, लेकिन जसुपा के खाते में आए 3.34 प्रतिशत वोट हमारे डटे रहने का सहारा हैं। उन्होंने एनडीए की जीत के लिए तीन कारकों को महत्वपूर्ण बताया। अंतिम दो घंटे में 15 से 20 प्रतिशत मतदान पर अंगुली उठाई।
पीके ने कहा कि जीविका दीदियों को मतदान केंद्रों पर वोट डलवाने का लक्ष्य देकर बैठाया गया। नई सरकार का चेहरा अगर साफ-सुथरा नहीं रहा तो जसुपा के लिए सड़क पर संघर्ष से लेकर न्यायालय तक का विकल्प खुला हुआ है।
शर्त पूरी हो तो राजनीति छोड़ दें:
चुनाव से पहले जदयू के 25 सीटों पर सिमट जाने की भविष्यवाणी करने वाले पीके अब एनडीए की जीत को परिस्थितिजन्य बता रहे। पलटवार के अंदाज में कह रहे कि किस पद पर हूं कि राजनीति छोड़ दूं! राजनीति छोड़ दूंगा, लेकिन बिहार के लोगों की बात कैसे छोड़ दूंगा!
उन्होंने कहा कि वादे के अनुसार, डेढ़ करोड़ महिलाओं को छह माह में नीतीश दो-दो लाख रुपये दें, तो राजनीति से संन्यास ले लूंगा। उन्होंने संपर्क नंबर (9121691216) जारी करते हुए कहा कि जिन लाभार्थियों को वादे के अनुसार राशि नहीं मिली, वे जसुपा से जुड़ें। उनकी लड़ाई जसुपा लड़ेगी।

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