पटना [जेएनएन]। बीच सड़क पर डीआइजी रैंक क‍े पूर्व आइपीएस अधिकारी की बाइकर्स गैंग द्वारा पिटाई के बाद बिहार में सियासत गरमा गई है। विपक्षी दलों ने पूछा है कि कानून का राज कहां है? घटना में घायल पूर्व आइपीएस अधिकारी ने भी कानून व्‍यवस्‍था को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि राज्‍य में आम आदमी सुरक्षित नहीं है।
विदित हो कि मंगलवार को पटना के रामकृष्ण नगर थाने के जगनपुरा इलाके में एक दर्जन से अधिक बाइक सवार बदमाशों ने पूर्व डीआइजी अजय वर्मा की सरेराह पिटाई कर दी थी। इस मामले में रामकृष्णानगर थाने में एफआइआर दर्ज कराया गया है। अजय वर्मा 1985 बैच के आइपीएस अधिकारी थे। पिछले साल उन्होंने स्‍वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले ली थी। अजय वर्मा के अनुसार उन्‍होंने ट्रैफिक एसपी व एसएसपी को समय पर सूचना दे दी थी, लेकिन पुलिस काफी विलंब से पहुंची।
विपक्षी दलों ने उठाए कानून व्‍यवस्‍था पर सवाल
पटना में सरेआम एक पूर्व आइपीएस की बाइकर्स गैंग द्वारा पिटाई के बाद अब सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) के भाई वीरेंद्र ने कहा है कि बिहार में कानून का राज खत्‍म हो चुका है। अब तो पूर्व आइपीएस अधिकारी भी कानून व्‍यवस्‍था पर सवाल उठा रहे हैं।
कांग्रेस (Congress) के राजेश राठौड़ ने कहा कि बीच सड़क पर एक पूर्व आइपीएस की पिटाई होती रही और पुलिस नहीं पुहंची। पुलिस जब आइपीएस अधिकारी की सुरक्षा नहीं कर सकती तो आम लोगों की क्‍या करेगी? अब पता चला कि बिहार में मॉब लिंचिंग की घटनाएं क्‍यों नहीं रुक रहीं।
सरकार के बचाव में उतरा जेडीयू
घटना पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रवक्‍ता संजय सिंह ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि एक पूर्व आइपीएस के साथ हुई यह घटना चुनौती है। घटना दुखद है। इसके दोषियों को बख्‍शा नहीं जाएगा।
घायल पूर्व डीआइजी ने कही ये बात
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व डीआइजी अजय वर्मा ने कहा कि सड़क पर एक बाइक ने उनकी खड़ी गाड़ी में ठोकर मारी। बाइक सवार नागालिग व बिना हेलमेट के थे। उन्‍होंने यह देख बाइक को रोका और चाबी निकाल कर पुलिस को सूचना दी। इस बीच बाइक सवार लड़कों ने अपने लोगों को फोन किया। लेकिन पुलिस तो नहीं पुहंची, लड़कों का पूरा गैंग पहुंच गया। अजय वर्मा के अनुसार उन्‍होंने पटना के ट्रैफिक एसपी व एसएसपी को खुद फोन किया। फिर भी विलंब हुआ तो डीजीपी को फोन किया। इसके बाद दो पुलिस अधिकारी पहुंचे। इस बीच एक पुलिस अधिकारी ने यह भी कहा कि यह उसके इलाके का मामला नहीं है।
अजय वर्मा ने कहा कि अपराधियों में पुलिस का भय होना चाहिए, जो नहीं है। किसी घटना की सूचना पर तत्‍काल कार्रवाई होनी चाहिए। इसमें क्षेत्राधिकार का पेंच नहीं फंसना चाहिए।
पत्‍नी बोलीं: बिहार पुलिस पर भरोसा नहीं
घायल अजय वर्मा की पत्‍नी ने कहा कि घटना के दौरान वे लोग भगवान भरोसे रहे। किस्‍मत अच्‍छी थी कि जान बच गई। उन्‍होंने बिहार पुलिस पर भरोसा होने से इनकार कर दिया। साथ ही आए दिन हो रही घटनाओं को लेकर कानून व्‍यवस्‍था पर भी सवाल खड़े किए।
अपराधियों की तलाश को छापेमारी जारी
बहरहाल, घटना के बाद पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस मारपीट में शामिल अपराधियों की शिनाख्त के लिए आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है। वहीं कुछ बाइक के नंबर पुलिस के हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर अपराधियों की पहचान की जा रही है।

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Posted By: Amit Alok