यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
संघ प्रमुख मोहन भागवत का तीन दिवसीय बिहार दौरा आज से, सियासत तेज
संघ प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार को तीन दिवसीय दौरे पर बिहार आ रहे हैं। उनके आगमन को लेकर सियासत गरमा गई है।

पटना [जेएनएन]। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार से शुक्रवार तक बिहार में हैं। इस दौरान में नवादा में आयोजित संघ के प्रशिक्षण वर्ग में स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे। भागवत इस प्रशिक्षण वर्ग में तीन दिनों तक रहेंगे। उनके बिहार दौरे को लेकर राजनीति गरमा गई है। खासकर विपक्षी महागठबंधन उनके आगमन की आलोचना कर रहा है।
संघ प्रमुख अपने तीन दिवसीय दौरे पर मंगलवार को पटना आ रहे हैं। फिर वे देर शाम नवादा जाएंगे। उनके आगमन को लेकर नवादा में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। तीन दिनों तक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद वे 25 मई को वे पटना से होकर नागपुर लौट जाएंगे।
राजद ने की आलाेचना
भागवत के आगमन को लेकर राजद हमलावर है। राजद नेता शिवानंद तिवारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि आखिर कैसी मजबूरी है कि नीतीश कुमार अपने सिद्धांतों को तिलांजलि दे रहे हैं। नरेंद्र मोदी व अमित शाह के नेतृत्व में सांप्रदायिक राजनीति हो रही है, जिसका समर्थन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कर रहे हैं। नीतीश कुमार ने अपनी विचारधारा को त्याग दिया है।
राजद विधायक एज्या यादव ने कहा कि मोहन भागवत पिछली बार की ही तरह तनाव फैलाने बिहार आ रहे हैं। नीतीश कुमार उनका स्वागत कर रहे हैं।
बचाव में उतरा जदयू
उधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन में जदयू ने राजद के आरोपों का जवाब दिया है। जदयू प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि राजद के लोगों को कोई काम नहीं है, इसलिए ऐसर बेकार की बातें करते हैं। भारत में कोई कहीं भी आने-जाने काे स्वतंत्र है। भागवत पहली बार बिहार नहीं आ रहे।
नवादा में हो रहा प्रशिक्षण वर्ग
गौरतलब है कि संघ के प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष प्रशिक्षण वर्ग कार्यक्रम 19 मई से 9 जून तक आयोजित हो रहे हैं। इनमें समें उत्तर बिहार, दक्षिण बिहार के साथ ही झारखंड के करीब छह सौ स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। विभिन्न सत्रों के माध्यम से संघ के कार्यकलाप, अनुशासन सहित अन्य बिंदुओं पर जानकारी दी जा रही है। प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षण अलग-अलग भवनों में चल रहे हैं। मोहन भागवत का आगमन इसी प्रशिक्षण वर्ग के सिलसिले में हो रहा है।
संघ प्रमुख अपने तीन दिवसीय दौरे पर मंगलवार को पटना आ रहे हैं। फिर वे देर शाम नवादा जाएंगे। उनके आगमन को लेकर नवादा में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। तीन दिनों तक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद वे 25 मई को वे पटना से होकर नागपुर लौट जाएंगे।
राजद ने की आलाेचना
भागवत के आगमन को लेकर राजद हमलावर है। राजद नेता शिवानंद तिवारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि आखिर कैसी मजबूरी है कि नीतीश कुमार अपने सिद्धांतों को तिलांजलि दे रहे हैं। नरेंद्र मोदी व अमित शाह के नेतृत्व में सांप्रदायिक राजनीति हो रही है, जिसका समर्थन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कर रहे हैं। नीतीश कुमार ने अपनी विचारधारा को त्याग दिया है।
राजद विधायक एज्या यादव ने कहा कि मोहन भागवत पिछली बार की ही तरह तनाव फैलाने बिहार आ रहे हैं। नीतीश कुमार उनका स्वागत कर रहे हैं।
बचाव में उतरा जदयू
उधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन में जदयू ने राजद के आरोपों का जवाब दिया है। जदयू प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि राजद के लोगों को कोई काम नहीं है, इसलिए ऐसर बेकार की बातें करते हैं। भारत में कोई कहीं भी आने-जाने काे स्वतंत्र है। भागवत पहली बार बिहार नहीं आ रहे।
नवादा में हो रहा प्रशिक्षण वर्ग
गौरतलब है कि संघ के प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष प्रशिक्षण वर्ग कार्यक्रम 19 मई से 9 जून तक आयोजित हो रहे हैं। इनमें समें उत्तर बिहार, दक्षिण बिहार के साथ ही झारखंड के करीब छह सौ स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। विभिन्न सत्रों के माध्यम से संघ के कार्यकलाप, अनुशासन सहित अन्य बिंदुओं पर जानकारी दी जा रही है। प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षण अलग-अलग भवनों में चल रहे हैं। मोहन भागवत का आगमन इसी प्रशिक्षण वर्ग के सिलसिले में हो रहा है।
