पटना [जेएनएन]। मुख्यमंत्री आवास के एक हिस्से में सुरक्षा को लेकर लगाये गये सीसीटीवी को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने ट्वीट कर कई आरोप लगाए और पूछा कि जासूसी करते हैं या डरते हैं। तेजस्वी की आपत्ति के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।  

उनके इस आरोप पर जहां जदयू और भाजपा ने तंज कसा है तो वहीं इसके बीच तेजस्वी के समर्थन में उतरे जीतनराम मांझी ने इसे गलत करार दिया है। 

सुशील मोदी ने कहा-सीसीटीवी कैमरों पर भी हो रही राजनीति

तेजस्वी के आरोपों पर जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सीसीटीवी के नाम पर सिर्फ राजनीति हो रही है। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर कहा कि तेजस्वी यादव सुरक्षा  के लिए लगाये सीसीटीवी कैमरों पर भी राजनीति कर रहे हैं, जबकि उनकी करोड़ों  की बेनामी संपत्ति बिना कैमरे के जनता और जांच एजेंसियों की नजर में आ चुकी है और परिवार के पावर स्ट्रगल की जानकारी लोग ही सार्वजनिक कर रहे हों तब वे कैमरे को क्यों कोस रहे हैं।

जदयू ने कहा-सुरक्षा व्यवस्था तेजस्वी से पूछकर तय होगी क्या...

वहीं, जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा है कि  तेजस्वी यादव सुरक्षा व्यवस्था के इंतज़ामों पर राजनीति कर रहे हैं। उनसे केवल इसकी ही उम्मीद की जा सकती है। साथ ही उन्होंने सवाल किया है कि राज्य के मुख्यमंत्री के सरकारी आवास की सुरक्षा व्यवस्था क्या नेता प्रतिपक्ष से पूछ कर तय होगी?  सीसीटीवी सीएम आवास में लगा है न कि उनके घर में। वे इतने बेचैन  क्यों हैं।

जीतमराम मांझी ने कहा-किसी की खुफियागिरी करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ

राजद के साथ ही हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी नेता प्रतिपक्ष की निगरानी करने की निंदा की है। उन्होंने कहा तेजस्वी यादव के आवास की तरफ लगाया गया कैमरा उनके बेडरूम तक की निगरानी कर रहा है। यह बेहद आपत्तिजनक बात है। मांझी ने कहा राजनीति का गिरता स्तर किसी व्यक्ति की निजता पर संकट पैदा कर रहा है। 

राजद प्रवक्ताओं ने कहा कि पहले तो तेजस्वी यादव की सुरक्षा घटा दी गई और अब आवास खाली कराए जाने को ले भी हथकंडे अपनाए जा रहे हैैं। यह राजनीति लोकतंत्र के लिए बेहद खराब है।

तेजस्वी ने किये थे पांच ट्वीट, लगाया था जासूसी करने का आरोप

तेजस्वी यादव ने गुरुवार को ट्वीट कर आरोप लगाया कि 360 डिग्री एंगल वाला एचडी सीसीटीवी उनकी खुफियागिरी के लिए लगाया गया है। इससे उनके बेडरूम और रसोई तक नजर रखी जा रही है। 

आइजी ने कहा-सीसीटीवी किसी की जासूसी करने के लिए नहीं लगाया जाता

इधर मुख्यमंत्री आवास (एक अणे मार्ग) लगे सीसीटीवी कैमरे को लेकर आइजी सुरक्षा बच्चू सिंह मीणा ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। आईजी का कहना है कि कैमरों के जरिये किसी की जासूसी या निजता भंग करने का सवाल ही नहीं उठता है। वीवीअाईपी की सुरक्षा की समय समय पर समीक्षा की जाती है। इसके 15 बिन्दुओं में एक बिन्दु सीसीटीवी से निगरानी है और इसी क्रम में यह सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं।

उन्होंने कहा कि कैमरों का मकसद है कि फेंसिंग से छेड़छाड़ तो नहीं की गयी है। कैमरे अभी ट्रायल के तौर पर लगे हैं, लेकिन चालू नहीं हैं। अभी यह भी तय नहीं है कि यह उसी स्थान पर रहेगा। 

 

Posted By: Kajal Kumari

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