पटना, जेएनएन। सीएम (CM) पद के चेहरे को लेकर भाजपा(BJP) और जदयू(JDU) के बीच विवाद जारी है।जदयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने कहा है कि नीतीश कुमार(Nitish Kumar) किसी के रहमोकरम पर मुख्यमंत्री (CM) नहीं हैं। उन्हें भाजपा या जदयू ने नहीं, जनता ने बिहार का (BIHAR) नेतृत्व सौंपा है। 

BJP-JDU में चल रही फेस फाइट

सोमवार को भाजपा(BJP) के एमएलसी संजय पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) को दिल्ली की राजनीति करने की नसीहत दे दी तो वहीं मंगलवार को भी हम को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नेता महाचंद्र प्रसाद सिंह ने भी नीतीश कुमार को यही नसीहत दे डाली।

वहीं, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ सीपी ठाकुर ने भी मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री विधान पार्षद संजय पासवान के बयान का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा को एक बार मौका देने की मांग की है।मंगलवार को मीडिया से बातचीत में डॉ ठाकुर ने कहा कि भाजपा पहले की तरह कमजोर नहीं बल्कि देश में अभी सबसे मजबूत पार्टी है। भाजपा के पास सबसे ताकतवर पीएम नरेंद्र मोदी हैं।

संजय पासवान का कहना था कि नीतीश कुमार पिछले 15 साल से बिहार के सीएम हैं, अब उन्हें सीएम पद भाजपा के लिए छोड़ देना चाहिए और अब नीतीश को केंद्र सरकार में जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। इसके बाद बिहार में एनडीए नेताओं के बीच बयानबाजियों का दौर चल रहा है जिसपर कांग्रेस ने भी कटाक्ष किया है।

केसी त्यागी ने दी चेतावनी

मंगलवार को जेडीयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी (KC Tyagi) ने बीजेपी को नसीहत दी है और कहा कि पार्टी पदाधिकारी बनाती है और जनता नेता बनाती है। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि बयानबीर नेता अपने बड़बोले बयान से बचें। जेडीयू के किसी नेता ने कभी बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ कुछ नहीं बोला है।
त्यागी ने कहा कि नीतीश कुमार किसी के रहमोकरम पर नहीं जनता के जनादेश पर मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान एनडीए की चुनावी योजना को कमजोर करते हैं,  लिहाज़ा सभी दल के नेता ऐसे बयान देने से परहेज करें।

कांग्रेस ने लिया नीतीश कुमार का पक्ष, एनडीए छोड़ने की दी सलाह

जदयू-बीजेपी की इस तकरार में अब कांग्रेस भी कूद गई है। कांग्रेस नेताओं ने नीतीश कुमार का पक्ष लेते हुए उन्हें एनडीए छोड़ने की सलाह दी है।

कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार को आज नहीं तो कल बीजेपी से अलग होना ही पड़ेगा। उनके अंदर अगर सेल्फ़ रेसपेक्ट बचा हो तो अलग होना पड़ेगा। राजनीति संभावनाओं का खेल है।  बीजेपी ने अपना रास्ता तो चुन लिया है, जदयू को समझना चाहिए कि अब 96 वाली बात नहीं।

कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि भाजपा बिहार में निचले पायदान पर थी, जिस नीतीश कुमार ने पार्टी को दूसरे पायदान पर पहुंचा दिया आज वही नीतीश कुमार को सीएम पद छोड़ने और दिल्ली जाने की सलाह दे रही है। एेसे में अब नीतीश कुमार को सोचना ही चाहिए कि क्या करना है? 

भाजपा-जदयू नेताओं की जुबानी जंग

 संजय पासवान के बयान पर जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने तीखी टिप्पणी की थी और उन्हें मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति कहा। उन्होंने कहा कि वे कई दलों की परिक्रमा करके भाजपा में आए हैं। संजय पासवान को अपनी पार्टी के बड़े नेताओं से पूछना चाहिए 2015 में क्या हाल था? उन्होंने कहा कि यहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चेहरे पर वोट मिलता है,उनके किये गए कार्यों पर वोट मिलता है।

BJP ने कहा-पीएम मोदी के नाम पर मिले वोट

भाजपा नेता प्रेम रंजन पटेल ने संजय सिंह के बयान पर कहा कि इस तरह की बयानबाजी से JDU के लोगों को बचना चाहिए। संजय पासवान बीजेपी के बड़े नेता हैं, उनको लेकर इस तरह की बयानबाजी न करें। किसके नाम पर वोट मिला लोगों ने देखा है। बगैर पीएम मोदी के नाम पर कोई चुनाव नहीं जीत सकता था। जनता ने पीएम मोदी के नाम पर ही मुहर लगाई है।

Posted By: Kajal Kumari

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