पटना, जेएनएन। दिल्ली चुनाव में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बड़ी के बाद राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर 18 फरवरी को पटना पहुंच रहे हैं। उनके पटना आने  के साथ ही किसी नए राजनीतिक ऐलान की संभावना जतायी जा रही है। प्रशांत किशोर सुबह 10 बजे  पटना पहुंचेंगे और अपने IPAC के कार्यालय जाएंगे। 

प्रशांत किशोर ने जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहते हुए सीएए, एनआरसी और एनपीआर के साथ ही दिल्ली में जदयू और भाजपा की दोस्ती और गृहमंत्री अमित शाह को लेकर बयान दिण्‍ थे। इसकी वजह से जदयू ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। दिल्ली में उनकी कंपनी आम आदमी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार कर रही थी और अरविंद केजरीवाल को जनता ने तीसरी बार सीएम की कुर्सी पर बैठाया। 

अब दिल्ली के बाद बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं जिसके लिए सभी राजनीतिक पार्टियों की तरफ से चुनावी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। एक ओर जदयू-भाजपा और लोजपा ने अपने गठबंधन पर मुहर लगाते हुए सीएम नीतीश कुमार को अपना नेता चुना है। तो वहीं, दूसरी ओर विपक्षी पार्टियों में एकजुटता नहीं दिख रही। पूरा विपक्ष तितर-बितर हो चुका है। ऐसे में प्रशांत किशोर की तरफ से नए राजनीतिक प्रयोग की बात कही जा रही है। 

प्रशांत किशोर ने Jagran.com से बातचीत में कहा कि उन्होंने कहा था कि मेरे इधर-उधर जाने की और फलां पार्टी से चुनाव लड़ने तक की कयासबाजी की जा रही थी, लेकिन मैंने पहले भी बताया था कि मैं राजनीति से ना तो दूर जा रहा हूं औऱ ना ही बिहार से ही दूर जा रहा हूं। उन्होंने कहा कि मैंने कहा ही था कि दिल्ली चुनाव के बाद मैं बिहार आ रहा हूं। 

प्रशांत किशोर का अरविंद केजरीवाल के दिल्ली फतह के बाद बिहार आना कई मायने में बिहार की राजनीति में अहम माना जा रहा है। जदयू में रहते हुए प्रशांत ने युवाओं को राजनीति मे आने के लिए प्रेरित किया था और काफी संख्या में बिहार के युवाओं ने उनकी इस पहल पर उनकी कंपनी I-PAC के जरिए अपनी प्रोफाइल भेजी थी।

प्रशांत किशोर ने युवाओं को राजनीति से जोड़ने के लिए बिहार में बिल्कुल ये नया कदम उठाया था। फिलहाल सबकी निगाहें कल पर टिकी होंगी कि प्रशांत किशोर क्या ऐलान करने वाले हैं। 

Posted By: Kajal Kumari

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