जासं, सिवान : बड़हरिया थाना क्षेत्र के बड़हरिया पुरानी बाजार में आठ सितंबर की देर शाम महावीरी मेला के अखाड़ा जुलूस के दौरान पत्थरबाजी मामले में पुलिस ने मजिस्ट्रेट के बयान पर प्राथमिकी कर दोनों पक्षों से दो दर्जन लोगों को पकड़ कर जेल भेजा है। इसी में एक किशोर के खिलाफ कार्रवाई करने पर मामला गरमा गया है। दावा किया जा रहा है कि किशोर आठ वर्षीय है और उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया। मामले में एसपी शैलेश कुमार सिन्हा ने बताया कि घटना स्थाल पर मौजूद मजिस्ट्रेट के बयान पर प्राथमिकी हुई थी। इसमें वह 13 साल का बच्चा भी शामिल था। जिसे कोर्ट में पेश किया गया। जहां उसे रिमांड होम भेज दिया गया। कानूनी प्रक्रिया के तहत जो करना चाहिए था उसे पुलिस ने किया है। हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी है जिसमें यह लिखा है कि पुलिस ने 13 साल के बच्चे को जेल भेज दिया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के राज में बच्चे भी महफूज नहीं हैं। 

आठ व 13 साल को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म 

बता दें कि जिस बच्चे को रिमांड होम भेजा गया है उसकी उम्र आठ साल बताई जा रही है। वहीं पुलिस के अनुसार उसकी उम्र 13 साल है। इंटरनेट मीडिया पर बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र दिखाते हुए यह बताया जा रहा है कि उसका जन्म 2014 में हुआ है। हालांकि पुलिस की प्राथमिकी में जिस किशोर का जिक्र है उसका पता कुछ और है जबकि जन्म प्रमाण पत्र में जिसकी उम्र आठ वर्ष बताई जा रही है उसका स्थाई पता कुछ और अंकित हे। 

ओवैसी का नीतीश पर हमला

हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार के मुख्यमंत्री पर कटाक्ष किया है। ओवैसी ने शनिवार को ट्वीट करते हुए कहा कि नीतीश कुमार के राज में बच्चे भी महफूज नहीं हैं। उन्हें कोर्ट में रस्सी से बांध कर पेश किया जाता है। दंगाइयों को पकड़ने की बजाय, पुलिस मुसलमान बच्चों को निशाना बना रही है। पुलिस कर्मियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए और बच्चे के घर वालों को मुआवजा मिलना चाहिए। 

Edited By: Akshay Pandey

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