जागरण संवाददाता, पटना। Patna Crime: बिहार की राजधानी पटना में गले से चेन उड़ाने वाले गिरोह की सक्रियता कम होने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को तो चेन स्‍नैचरों ने हद ही कर दी। कोतवाली थाने के पास बाइक सवार अपराधियों ने सिपाही सरोज कुमार सिंह के सामने उनकी बहन शिवानी से सोने की चेन लूट ली और फरार हो गए। वारदात शुक्रवार शाम करीब पांच बजकर 35 मिनट पर हुई। सिपाही ने लुटेरों का पीछा करने की भी कोशिश की, लेकिन वे भागने में कामयाब रहे। इसके बाद उसने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। 

बहन के साथ कहीं जा रहे थे सरोज 

बताया जाता है कि सरोज बहन के साथ बाइक से जा रहे थे। तभी पीछे से हाईस्पीड बाइक पर सवार दो बदमाश आए। युवती के गले पर झपट्टा मार कर सोने की चेन लूट ली। पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई। सूत्रों की मानें तो लुटेरों के पास नई बाइक थी, जिसकी कीमती डेढ़ लाख रुपये से अधिक है। फुटेज देखने के बाद पुलिस को मालूम हुआ कि हाल में इन्हीं बदमाशों पाटलिपुत्र, शास्त्री नगर और एसके पुरी थानों की सीमा पर महेश नगर में एक महिला से चेन लूट की घटना की थी। 

साढ़े चार किलोमीटर तक खदेड़ कर कोतवाल ने चेन लुटेरे को दबोचा 

इधर, कोतवाली थानेदार ने शनिवार सुबह साढ़े चार किलोमीटर तक खदेड़कर चेन लुटेरा अरमान को दबोच लिया। वह फतुहा थाना क्षेत्र का निवासी है। उसने हाल में बुद्धा कालोनी थाना क्षेत्र में एक महिला से चेन लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इस कारण कोतवाल संजीत कुमार सिंह ने उसे बुद्धा कालोनी थाने के हवाले कर दिया। उसके पास से कीमती बाइक भी बरामद की गई। 

हुआ यूं कि कुछ दिन पहले अरमान ने एक महिला से सोने की चेन लूट ली थी। इसके बाद बुद्धा कालोनी थाने की पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से उसकी तस्वीर निकाल कर पटना पुलिस के सभी थानों को भेजी थी। सुबह साढ़े ग्यारह बजे कोतवाली थानाध्यक्ष बुद्ध मार्ग की तरफ से जा रहे थे। तभी उन्हें अरमान दिखा। उन्होंने रुकने का इशारा किया तो अरमान ने बाइक की रफ्तार बढ़ा दी।

थानेदार उसका पीछा करने लगे और वायरलेस पर मैसेज फ्लैश किया। गांधी मैदान थाने की पुलिस ने कारगिल चौक पर घेराबंदी कर ली थी, मगर वह अशोक राजपथ की तरफ भागने निकाला। इसके बाद पीरबहोर थाने की पुलिस ने एनआइटी मोड़ पर उसे दबोच लिया। पीरबहोर में उससे काफी देर तक पूछताछ की गई, फिर बुद्धा कालोनी थाने को सुपुर्द कर दिया गया। 

Edited By: Shubh Narayan Pathak