पटना, जेएनएन। राजधानी में बारिश थमने के बाद भी स्थिति खराब है। गुरुवार को जलजमाव से त्रस्त होकर धनरुआ के ग्रामीण सड़क पर उतर आए। बाढ़ राहत की मांग को लेकर आधा दर्जन से अधिक गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने धनरुआ प्रखंड के सेवदहा के पास टायर जला पटना-गया सड़क मार्ग (एसएच-01) को करीब तीन घंटे तक जाम कर दिया।

सूचना पर पहुंचे सीओ जितेंद्र कुमार सिंह ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम हटाने का आग्रह किया। हालांकि इसके बाद भी जब ग्रामीण नहीं माने तो जाम हटाने के लिए पुलिस ग्रामीणों पर लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद इलाका रणक्षेत्र में बदल गया।

पुलिस पर भारी पड़े ग्रामीण

लाठीचार्ज से नाराज ग्रामीणों पर पुलिस ने पथराव शुरू कर दिया। इसमें सीओ सहित आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सीओ की गाड़ी सहित वहां से गुजर रहीं दर्जनों गाड़ियों का शीशा फोड़ दिया। ग्रामीणों ने होमगार्ड के जवान की राइफल छीन ली। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने दो राउंड हवाई फायरिंग की। इसके बाद ग्रामीणों ने जवान की राइफल सड़क पर ही फेंक दी। लाठीचार्ज में महिला समेत पांच ग्रामीण घायल हो गए।

बाद में विधायक, एसडीओ व माले नेताओं के समझाने और मुआवजा दिलाने के आश्वासन के बाद सड़क जाम समाप्त हुआ। सीओ ने धनरुआ थाने में दो सौ अज्ञात ग्रामीणों पर पुलिस पर जानलेवा हमला करने, जवान की राइफल छीनने, सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत अन्य मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

न रहने की जगह न खाने का इंतजाम

दरअसल बाढ़ प्रभावित धनरुआ प्रखंड के कुशवन, सेवदहा, दौलता, देवदहा, भोलाचक, मिर्जाचक, हासेपुर समेत अन्य गावों के ग्रामीण बाढ़ राहत की माग को लेकर गुरुवार को सेवदहा मोड़ के पास जमा हो गए। करीब आधे घंटे में सैकड़ों ग्रामीण जुट गए। थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। ग्रामीण पुलिस से बार-बार प्रशासनिक अधिकारी को बुलाने की मांग कर रहे थे। आधा घंटे बाद ग्रामीणों ने टायर जलाकर पटना-गया सड़क मार्ग को जाम कर दिया। उनका आरोप था कि गाव बाढ़ से घिरा है। न तो रहने की जगह है और न ही खाने का इंतजाम।

Posted By: Akshay Pandey

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