पटना, जेएनएन। बिजली के निजीकरण के विरोध में पटना के बेली रोड स्थित आयकर चौराहे के पास विद्युत भवन परिसर में विद्युत कामगार-पदाधिकारी-अभियंता संयुक्त मोर्चा के बैनर तले बिजली विभाग में कार्यरत कर्मचारियों ने सोमवार को हंगामा प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठियां चटकायीं, जिसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। पुलिसिया जुल्म के खिलाफ बिजली विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं जिससे विद्युत व्यवस्था चरमराने की आशंका है।

बता दें कि निजीकरण को लेकर प्रदर्शनकारियों के हंगामे से निबटने के लिए कई थानों की पुलिस बल को विद्युत विभाग परिसर में तैनात किया गया था, जिसके दौरान हंगामा करते हुए प्रदर्शनकारी काफी संख्या में बेली रोड पर आ गए जिससे पूरी तरह आवागमन बाधित हो गया।

सड़क जाम हो जाने के बाद पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों से सड़क से हटने की गुहार लगायी। लेकिन प्रदर्शनकारी किसी की कोई बात नहीं सुन रहे थे। आम लोगों को हो रही असुविधा को देखते हुए पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गयी और मामला धीरे-धीरे बढ़ता चला गया। बाद में हंगामे को शांत करने के लिए पुलिस ने लाठियां चटकानी शुरू कर दीं जिसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। उसके बाद विद्युत भवन मुख्यालय पुलिस छावनी में तब्दील हो गया और सभी कर्मी आसपास से हट गए।

उधर, पुलिस के लाठी चार्ज के विरोध में बिजली कर्मी हड़ताल पर चले गए हैं, जिसके बाद बिजली आपूर्ति भी ठप हो सकती है। जूनियर इंजीनियर  पावर एसोशिएसन के महासचिव उपेंद्र चौधरी ने बताया कि पुलिस के जुल्म के खिलाफ बिजलीकर्मी हड़ताल पर चले गए हैं। 

बता दें कि बिजली के निजीकरण के विरोध में विद्युत कामगार-पदाधिकारी-अभियंता संयुक्त मोर्चा के बैनर तले बिजली इंजीनियर और कर्मियों ने प्रदर्शन करने को लेकर पिछले सोमवार को ही नोटिस दी थी। मालूम हो कि उर्जा विभाग के प्रधान सचिव सह बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के सीएमडी को पत्र लिखकर 25 जनवरी तक निजीकरण नहीं किये जाने के संबंध में अधिसूचना जारी करने का अनुरोध किया गया था।

Posted By: Kajal Kumari

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