पटना। मुकम्मल लाव-लश्कर के साथ राजधानी के अति सुरक्षित इलाके माल रोड में पुलिस का मूवमेंट बुधवार की दोपहर किसी बड़ी कार्रवाई की कहानी कह रहा था।

जदयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के सरकारी आवास पर पुलिस का मूवमेंट बढ़ते ही समर्थकों की आवाजाही भी शुरू हो गई। भीड़ मैनेजमेंट के तहत गिरफ्तारी को गुप्त रखते हुए केवल सर्च ऑपरेशन की बात कही गई, लेकिन देर शाम पिक्चर क्लियर हो गई।

अपराध जगत और राजनीतिक गलियारों में बराबर की पकड़ रखने वाले जदयू विधायक की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक दबाव बढऩे के बाद पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। विधायक को गिरफ्तार करने गई पुलिस के चेहरे पर दहशत साफ नजर आ रही थी। एसएसपी विकास वैभव की अगुवाई में पूरे ऑपरेशन को दोपहर करीब तीन बजे शुरू किया गया।

सरकारी आवास से अनंत सिंह को उठाने के लिए पुलिस बिल्कुल हार्डकोर नक्सल कार्रवाई की तरह तैयारी कर पहुंची। एंटी माइंस व्हीकल, तीन दर्जन से अधिक कमांडोज, एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) के जवानों, श्वान दस्ते और 500 से अधिक पुलिसकर्मियों के साए में पुलिस, विधायक के आवास में दाखिल हुई। इस बीच पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया। दोपहर तीन बजे पहुंची पुलिस देर शाम तक विधायक के सरकारी आवास में छानबीन करती रही।

इस दौरान प्रतिबंधित बोर के रायफल की छह मैगजीन, दो बुलेट प्रूफ जैकेट और संदिग्ध कपड़े बरामद किए गए। सचिवालय थाने में भी अनंत सिंह का रौब कम नहीं हुआ। सिटी एसपी के साथ उन्होंने थाने के अंदर ही धक्कामुक्की शुरू कर दी। हालांकि फोर्स के सख्त रुख अपनाने के बाद विधायक के तेवर नरम पड़ गए। देर रात विधायक को वेउर जेल भेज दिया गया।

- इतनी तैयारी के साथ पहुंची थी पुलिस -

- एसएसपी विकास वैभव (टीम लीडर)

- सिटी एसपी मध्य चंदन कुशवाहा और सिटी एसपी पूर्व सुधीर पोरिका

- आधा दर्जन डीएसपी

- एक दर्जन इंस्पेक्टर

- तीन दर्जन कमांडोज

- 500 पुलिसकर्मी

- एंटी माइंस व्हीकल

- बम डिस्पोजल स्क्वाड

- एटीएस टीम

- श्वान दस्ता

तस्वीरों में देखें अनंत समर्थकों की गुंडई

Posted By: pradeep Kumar Tiwari