PMCH में छह दिन खुलेगी डायबिटीज-थायराइड और गैस्ट्रो की OPD, पांच विभाग नए भवन में होंगे शिफ्ट
पीएमसीएच पटना में डायबिटीज, थायराइड और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभागों की ओपीडी अब सप्ताह में दो की बजाय छह दिन खुलेगी, जिससे ...और पढ़ें

पीएमसीएच में मरीजों को मिलेगी राहत। फाइल
HighLights
डायबिटीज, थायराइड, गैस्ट्रो ओपीडी अब सप्ताह में छह दिन।
सितंबर के अंत तक नई व्यवस्था होगी लागू, मिलेगी राहत।
पांच अन्य विभाग भी नए भवन में होंगे स्थानांतरित।
जागरण संवाददाता, पटना। पीएमसीएच (PMCH) में डायबीटीज, थायराइड और लिवर रोगों से पीड़ित मरीजों को बड़ी राहत मिलने जा रही है।
अस्पताल प्रशासन ने एंडोक्राइनोलाजी (डायबिटीज व हार्मोन संबंधी रोग) और गैस्ट्रोएंट्रोलाजी (पेट, आंत, लिवर व पाचन तंत्र संबंधी रोग) विभाग की ओपीडी को सप्ताह में दो दिन से बढ़ाकर छह दिन करने का निर्णय लिया है।
यह व्यवस्था सितंबर के अंतिम सप्ताह तक शुरू हो जाएगी। अधीक्षक डाॅ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि दोनों विभागों में अब तीन-तीन विशेषज्ञ चिकित्सक हैं।
सितंबर के अंतिम सप्ताह में शुरू होगी नई व्यवस्था
वर्तमान में सप्ताह में दो दिन ही ओपीडी संचालित होने के कारण तीनों चिकित्सकों के इलाज करने के बावजूद मरीजों की संख्या अधिक रहती है।
इससे मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। कई बार ओपीडी का दिन नहीं होने के कारण उन्हें वापस भी लौटना पड़ता है।
ओपीडी के छह दिन संचालित होने से दोनों विभागों में हर सप्ताह एक हजार से अधिक अतिरिक्त मरीजों का इलाज संभव हो सकेगा।
वर्तमान में प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज इन विभागों की ओपीडी में पहुंचते हैं। ओपीडी के दिनों की संख्या बढ़ने से मरीजों की भीड़ कम होगी और उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकों से इलाज कराने के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे।
एक ही परिसर में मिलेंगी कई विशेषज्ञ सेवाएं
पीएमसीएच प्रशासन मरीजों की सुविधा के लिए अधिक से अधिक विभागों की ओपीडी को एक ही स्थान पर लाने की दिशा में भी काम कर रहा है, ताकि उन्हें अलग-अलग भवनों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें।
वर्तमान में स्त्री एवं प्रसूति, नेत्र, मेडिसिन और ईएनटी समेत कई विभागों की ओपीडी नए भवन में संचालित हो रही है।अब पांच और विभागों की ओपीडी को नए भवन में स्थानांतरित किया जा रहा है।
इनमें सर्जरी, हड्डी, प्लास्टिक सर्जरी, गैस्ट्रो और न्यूरो मेडिसिन विभाग शामिल हैं। इनके स्थानांतरित होने के बाद मरीजों को एक ही परिसर में कई विशेषज्ञ सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
इससे प्रदेशभर से आने वाले मरीजों को सुविधा होगी और ओपीडी में भीड़ को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।
